
सूरजपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत मकानों के समयबद्ध निर्माण को लेकर सूरजपुर जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। योजना के क्रियान्वयन में आ रही सुस्ती और कुछ हितग्राहियों की लापरवाही को देखते हुए प्रशासन ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर रेना जमील के सख्त निर्देशों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) विजेंद्र सिंह पाटले के मार्गदर्शन में जिले में आवास निर्माण कार्यों की नियमित और बारीक समीक्षा की जा रही है।
इसी कड़ी में लापरवाही बरतने वाले हितग्राहियों पर शिकंजा कसने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी रामानुजनगर एसडीएम अजय मोडियम ने एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में उन हितग्राहियों को तलब किया गया था, जिन्होंने शासन से आवास निर्माण के लिए पहली या अगली किस्त की राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन बार-बार समझाइश देने और नोटिस जारी किए जाने के बाद भी निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया है। एसडीएम ने ऐसे सभी हितग्राहियों को कड़ी फटकार लगाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की है।
राशि का दुरुपयोग करने पर होगी कानूनी कार्रवाई
बैठक के दौरान एसडीएम अजय मोडियम ने उपस्थित हितग्राहियों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि शासन द्वारा प्रदान की गई राशि केवल और केवल पक्का आवास निर्माण करने के लिए है, इसका उपयोग किसी अन्य निजी कार्य में बिल्कुल न किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट रूप से अल्टीमेटम देते हुए कहा:
“यह प्रशासन की ओर से दिया जा रहा अंतिम अवसर है। अगली समीक्षा बैठक आयोजित होने तक सभी संबंधित हितग्राही अपने आवास का निर्माण कार्य अनिवार्य रूप से प्रारंभ कर दें और उसे गति दें। यदि इसके बाद भी जमीन पर कोई काम शुरू नहीं पाया गया, तो संबंधित हितग्राहियों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर (FIR) सहित अन्य कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।”
योजना का उद्देश्य: सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन
एसडीएम ने हितग्राहियों से शासन की जनहितैषी मंशा को समझने और योजना का सही लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद परिवार को एक सुरक्षित, पक्का और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। ऐसे में राशि मिलने के बाद भी काम न करना सीधे तौर पर योजना के उद्देश्यों को बाधित करना है। इसलिए सभी हितग्राही गंभीरता दिखाएं और निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें।
प्रशासन की पैनी नजर
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों को जमीनी स्तर पर जाकर जियो-टैगिंग और भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने जिले के सभी प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों से अपील की है कि वे तय समय-सीमा के भीतर अपने मकानों का निर्माण पूरा करें, अन्यथा लापरवाही बरतने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।