विशेष अपराध रिपोर्ट | दुर्ग मोहम्मद रिजवान
दुर्ग : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शहर के व्यस्ततम इलाके में स्थित एक आइसक्रीम पार्लर की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रहे देह व्यापार के रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शहर के इंदिरा मार्केट स्थित स्टेशन रोड पर एक बंद पड़े ‘जलाराम लॉज’ के भीतर यह अनैतिक धंधा बेहद शातिर और गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था। मुखबिर की सटीक सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) की संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर छापेमारी की, जिसमें तीन युवतियां और दो युवक आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 28 जून की शाम को पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी कि कोतवाली थाना क्षेत्र के इंदिरा मार्केट में स्थित बंद पड़े जलाराम लॉज के भीतर कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और वहां बड़े पैमाने पर सेक्स रैकेट का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में इस लॉज के सामने के हिस्से में एक आइसक्रीम पार्लर खोला गया था, ताकि आम जनता और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसके भीतर चल रहे काले कारनामे की भनक तक न लग सके। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए नगर पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सिटी कोतवाली और एसीसीयू की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस टीम ने योजना के तहत जलाराम लॉज के चारों तरफ घेराबंदी की और अचानक भीतर धावा बोल दिया। छापे के दौरान लॉज के कमरों से तीन लड़कियां और दो युवक आपत्तिजनक हालत में पाए गए। इसके साथ ही मौके पर लॉज का संचालन करने वाले मुख्य प्रबंधक और उनके सहयोगी भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने तुरंत अपनी गिरफ्त में ले लिया। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को घटनास्थल से लगभग 20,000 रुपये की नगद राशि, 4 चालू मोबाइल फोन, भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्रियां और 80 पैकेट कंडोम बरामद हुए हैं। पुलिस ने इन सभी सामग्रियों को साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है।
गुप्त कोड और नंबरों के आधार पर चलता था नेटवर्क
इस पूरे रैकेट की कार्यप्रणाली को लेकर बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह अनैतिक धंधा बेहद सुरक्षित और गुप्त तरीके से चलाया जा रहा था ताकि स्थानीय लोगों को कोई शक न हो। लॉज के संचालकों ने यह नियम बना रखा था कि किसी भी नए या अज्ञात व्यक्ति को लॉज के भीतर सीधे प्रवेश नहीं दिया जाता था। केवल उन्हीं चुनिंदा ग्राहकों को अंदर जाने की अनुमति मिलती थी, जिनके मोबाइल नंबर पहले से संचालकों के डेटाबेस में दर्ज थे या जो पुराने और भरोसेमंद ग्राहकों के संदर्भ (रेफरेंस) से आते थे। इसी सख्त और गुप्त छानबीन प्रक्रिया के कारण यह सेक्स रैकेट लंबे समय तक कानून की नजरों से बचकर गुप्त रूप से फलता-फूलता रहा।
तीन आरोपी गिरफ्तार, पीटा एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने इस मामले में त्वरित वैधानिक कार्रवाई करते हुए अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) की धारा 3, 4, 5 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। इस मामले में संलिप्त तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान विजय गुजराती, नारायण देशमुख और तामेश्वर कुमार साहू के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कम समय में अवैध रूप से मोटी रकम और आर्थिक लाभ कमाने के लालच में इस पूरी साजिश को अंजाम दे रहे थे।
नगर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगाली जा रही है ताकि उन ग्राहकों और बिचौलियों का पता लगाया जा सके जो इनके संपर्क में थे। पुलिस इस मामले में अन्य स्थानीय लोगों और भूमिगत नेटवर्क से जुड़े सहयोगियों की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। इलाके में इस तरह के अवैध संचालन के खुलासे के बाद पुलिस ने अन्य बंद पड़े लॉज और संदिग्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की निगरानी भी तेज कर दी है।