सूरजपुर में अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: रंजिश में कुल्हाड़ी से की गई थी श्रीलाल की हत्या, आरोपी आनंद गिरफ्तार

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  प्रतापपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मरहट्टा मनवारडांड में हुई एक युवक की अंधी हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। 11 सितंबर 2026 की रात को हुई इस वारदात के आरोपी को पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया है। पुरानी रंजिश के चलते इस हत्या को अंजाम दिया गया था।
धारदार हथियार से की गई थी हत्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पलड़ा निवासी और हाल मुकाम दुरती के रहने वाले श्रीलाल अगरिया (उम्र 35 वर्ष, पिता धनुकधारी) की ग्राम मरहट्टा मनवारडांड में किसी अज्ञात व्यक्ति ने धारदार हथियार से हमला कर नृशंस हत्या कर दी थी। घटना की सूचना मरहट्टा निवासी सूचक विरेन्द्र कुमार (पिता सुखदेव) ने प्रतापपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शून्य में मर्ग कायम कर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 270/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
विवाद की कड़ी से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने अज्ञात आरोपी की शीघ्र पतासाजी और जल्द गिरफ्तारी के कड़े निर्देश दिए। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी अनूप एक्का के मार्गदर्शन में प्रतापपुर पुलिस ने तफ्तीश तेज की।
विवेचना के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि घटना से ठीक एक सप्ताह पहले मृतक श्रीलाल का आनंद अगरिया के साथ किसी बात को लेकर भारी विवाद हुआ था। इस सुराग के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर संदेही आनंद अगरिया (उम्र 35 वर्ष, पिता दलपति, निवासी कनकनगर) को हिरासत में लिया।
आरोपी ने कबूला जुर्म, कुल्हाड़ी बरामद
पुलिस द्वारा की गई सख्त पूछताछ में आरोपी आनंद अगरिया ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि आपसी रंजिश के कारण उसने कुल्हाड़ी से प्रहार कर श्रीलाल की हत्या की थी। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी को भी जप्त कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने में निरीक्षक दिनेश पुरैना, नरेन्द्र सिंह, पीएसआई विकास गजेन्द्र, एएसआई माधव सिंह, राजेश यादव, प्रधान आरक्षक योगेन्द्र भगत तथा आरक्षक अशोक कनौजिया, राजकुमार पासवान, राजेश तिवारी एवं जयप्रकाश पन्ना की सराहनीय भूमिका और सक्रियता रही।

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