
सूरजपुर / भैयाथान : शासकीय पोर्टल और मोबाइल ऐप के आंकड़ों और ज़मीनी हकीकत के बीच विरोधाभास का एक गंभीर मामला जनपद पंचायत भैयाथान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धरमपुर (LGD कोड: 130634) से सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में सड़क मुरमीकरण से लेकर पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर केवल सरकारी राशि का आहरण किया गया है, जबकि धरातल पर काम नगण्य है।
सड़क मुरमीकरण के नाम पर राशि आहरण, काम शून्य
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत धरमपुर में विभिन्न रास्तों पर सड़क मुरमीकरण (Moorum Road) के नाम पर भारी-भरकम राशि स्वीकृत कराकर निकाल ली गई है। मौके पर जाकर देखने पर ग्रामीणों ने पाया कि सड़कों पर मुरम बिछाने का कार्य केवल कागजों तक ही सीमित रहा। वर्तमान में सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना कार्य कराए ही फर्जी बिल-वाउचर लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया है।
मौका जांच में सामने आई पंचायत भवन की बदहाली
वहीं, ऑनलाइन ‘मेरी पंचायत’ ऐप एवं संबंधित पोर्टल पर 15वें वित्त आयोग (Tied Grant) के तहत ₹80,000 की अनुमानित लागत का कार्य दर्ज दिखाया गया है। जब इस संबंध में मौका जांच की गई और जीपीएस (GPS) आधारित कैमरों से तस्वीरें ली गईं, तो ऑनलाइन दावों की पूरी पोल खुल गई:
खतरनाक स्थिति में छत: मौका जांच के दौरान पंचायत भवन के अंदर की छत का प्लास्टर पूरी तरह से झड़ा हुआ पाया गया। छत के अंदर लगा लोहे का जाल (सरिया) स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
क्षतिग्रस्त फर्श व दीवारें: प्रवेश द्वार और कमरों का फर्श पूरी तरह टूटा-फूटा है। दीवारों पर मरम्मत या पुताई का कोई भी नया कार्य नहीं पाया गया।
सूत्रों के अनुसार गबन का आरोप
सूत्रों और ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन ऐप और शासकीय वेबसाइट पर कागजी आंकड़े प्रस्तुत कर ₹80,000 सहित सड़क निर्माण मद की राशियों का आहरण कर लिया गया है। मरम्मत व निर्माण के नाम पर आई इस राशि का बंदरबांट कर गबन किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
मौके पर मिले जीपीएस साक्ष्यों और ऑनलाइन आंकड़ों के आधार पर ग्रामीणों ने अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय शिकायत की तैयारी कर ली है। कलेक्टर सूरजपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत सूरजपुर तथा सीईओ जनपद पंचायत भैयाथान से मांग की जा रही है कि:
सड़क व भवन निर्माण की भौतिक जांच: सड़क मुरमीकरण के स्वीकृत कार्यों और आहरित राशि की तकनीकी व भौतिक जांच (Measurement Book) कराई जाए।
दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: गबन के आरोपी पंचायत सचिव एवं संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
भवन व सड़कों का जीर्णोद्धार: जर्जर पंचायत भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए और अधूरी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
शासकीय पोर्टल और मोबाइल ऐप के आंकड़ों और ज़मीनी हकीकत के बीच विरोधाभास का एक गंभीर मामला जनपद पंचायत भैयाथान के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धरमपुर (LGD कोड: 130634) से सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत में सड़क मुरमीकरण से लेकर पंचायत भवन मरम्मत के नाम पर केवल सरकारी राशि का आहरण किया गया है, जबकि धरातल पर काम नगण्य है।
सड़क मुरमीकरण के नाम पर राशि आहरण, काम शून्य
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत धरमपुर में विभिन्न रास्तों पर सड़क मुरमीकरण (Moorum Road) के नाम पर भारी-भरकम राशि स्वीकृत कराकर निकाल ली गई है। मौके पर जाकर देखने पर ग्रामीणों ने पाया कि सड़कों पर मुरम बिछाने का कार्य केवल कागजों तक ही सीमित रहा। वर्तमान में सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना कार्य कराए ही फर्जी बिल-वाउचर लगाकर राशि का आहरण कर लिया गया है।
मौका जांच में सामने आई पंचायत भवन की बदहाली
वहीं, ऑनलाइन ‘मेरी पंचायत’ ऐप एवं संबंधित पोर्टल पर 15वें वित्त आयोग (Tied Grant) के तहत ₹80,000 की अनुमानित लागत का कार्य दर्ज दिखाया गया है। जब इस संबंध में मौका जांच की गई और जीपीएस (GPS) आधारित कैमरों से तस्वीरें ली गईं, तो ऑनलाइन दावों की पूरी पोल खुल गई:
- खतरनाक स्थिति में छत: मौका जांच के दौरान पंचायत भवन के अंदर की छत का प्लास्टर पूरी तरह से झड़ा हुआ पाया गया। छत के अंदर लगा लोहे का जाल (सरिया) स्पष्ट दिखाई दे रहा है, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
- क्षतिग्रस्त फर्श व दीवारें: प्रवेश द्वार और कमरों का फर्श पूरी तरह टूटा-फूटा है। दीवारों पर मरम्मत या पुताई का कोई भी नया कार्य नहीं पाया गया।
सूत्रों के अनुसार गबन का आरोप
सूत्रों और ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा ऑनलाइन ऐप और शासकीय वेबसाइट पर कागजी आंकड़े प्रस्तुत कर ₹80,000 सहित सड़क निर्माण मद की राशियों का आहरण कर लिया गया है। मरम्मत व निर्माण के नाम पर आई इस राशि का बंदरबांट कर गबन किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग
मौके पर मिले जीपीएस साक्ष्यों और ऑनलाइन आंकड़ों के आधार पर ग्रामीणों ने अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय शिकायत की तैयारी कर ली है। कलेक्टर सूरजपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत सूरजपुर तथा सीईओ जनपद पंचायत भैयाथान से मांग की जा रही है कि:
- सड़क व भवन निर्माण की भौतिक जांच: सड़क मुरमीकरण के स्वीकृत कार्यों और आहरित राशि की तकनीकी व भौतिक जांच (Measurement Book) कराई जाए।
- दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई: गबन के आरोपी पंचायत सचिव एवं संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
- भवन व सड़कों का जीर्णोद्धार: जर्जर पंचायत भवन की तत्काल मरम्मत कराई जाए और अधूरी सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।