बलरामपुर-रामानुजगंज : जिला अंतर्गत चौकी विजयनगर (थाना रामानुजगंज) क्षेत्र के ग्राम लावा के जंगलों में गौ-हत्या का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सूचना और संदेह के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले का पर्दाफाश किया है और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
जंगल में मिला था खून और हड्डियों का ढेर
घटना की शुरुआत तब हुई जब विजयनगर क्षेत्र के ग्राम लावा स्थित जंगल में ग्रामीणों ने भारी मात्रा में खून और हड्डियां बिखरी हुई देखीं। इस खौफनाक मंजर को देखकर ग्रामीणों को गौ-हत्या की आशंका हुई, जिसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना विजयनगर चौकी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना किसी देरी के मौके पर पहुंची और पाया कि जंगल में काफी मात्रा में मवेशी की हड्डियां और जमीन पर खून फैला हुआ था।
ग्रामीणों के संदेह पर हिरासत में लिए गए संदिग्ध
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से गहन पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान ग्रामीणों ने गांव के ही दो व्यक्तियों पर संदेह जताया। ग्रामीणों के संशय के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल संदिग्धों के ठिकाने पर दबिश दी और दोनों को हिरासत में लेकर विजयनगर चौकी लाया।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला जुर्म
कड़ाई से की गई पूछताछ में दोनों संदिग्धों ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लालू कोरवा (पिता: राम सूरत कोरवा, उम्र 36 वर्ष) और चंद्र देव पाल (पिता: लाल जी पाल, उम्र 46 वर्ष) दोनों निवासी ग्राम लावा, चौकी विजयनगर के रूप में हुई है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने एक बैल खरीदा था और अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर जंगल में उसका वध कर दिया तथा उसके मांस को आपस में बांटकर खा गए।
मांस के टुकड़े और हथियार जब्त
आरोपियों के कबूलनामे के बाद पुलिस ने उनके घरों में तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से मांस के टुकड़े और घटना में इस्तेमाल किए गए धारदार हथियार जब्त किए गए।
विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज, भेजे गए जेल
संपूर्ण जांच और जब्ती के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 158/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325, 238, 3(5) के साथ-साथ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 10 एवं पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1) के तहत मामला दर्ज किया। अपराध की पुष्टि होने पर दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय द्वारा जेल वारंट जारी होने के बाद उन्हें जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया है। पुलिस मामले में शामिल अन्य संभावित संलिप्तों और अग्रिम जांच में जुटी हुई है।