October 11, 2026
IMG-20260905-WA0021

सुरजपुर  : जिला पंचायत सभाकक्ष में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर रेना जमील ने की। इस दौरान जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया और योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
आवास निर्माण में लाएं तेजी, हितग्राहियों से बनाए रखें संपर्क
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक प्रशासनिक योजना नहीं है, बल्कि यह आर्थिक रूप से कमजोर और बेघर परिवारों के अपने पक्के घर के सपने को साकार करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे हितग्राहियों से निरंतर संपर्क बनाए रखें, उन्हें निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के लिए प्रेरित करें और सभी लंबित आवासों को समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराएं।
जल संकट से निपटने के लिए पहाड़ी क्षेत्रों में बनेंगे तालाब
भविष्य में संभावित जल संकट की चुनौती से निपटने के लिए जल संरक्षण को विशेष प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्षा जल की हर एक बूंद का प्रभावी संचयन और संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्थानीय परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों के निचले हिस्सों (तलहटी) में तालाब निर्माण की संभावनाओं को चिन्हित कर वर्षा जल संचयन की दिशा में त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता से समझौता नहीं
जिले में चल रहे अधूरे निर्माण कार्यों, सांसद निधि और विधायक निधि से स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को हिदायत दी गई कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, करें मैदानी निरीक्षण
जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यशैली में सुधार लाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सीधे तौर पर धरातल से जुड़ा विभाग है। ऐसे में अधिकारी केवल दफ्तरी कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, बल्कि नियमित रूप से गांवों और मैदानी क्षेत्रों का दौरा करें। मैदानी निरीक्षण से योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को दूर किया जा सकेगा और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंच सकेगा।
स्वच्छता अभियान में सामुदायिक सहभागिता पर जोर
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM), मुद्रा लोन, तथा सामुदायिक एवं व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। स्वच्छता अभियान के बेहतर क्रियान्वयन के लिए प्रत्येक गांव के हर वार्ड से गतिविधियों की शुरुआत करने और इसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी (सामुदायिक सहभागिता) सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
बैठक में संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मैदानी अमला उपस्थित रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related News