
सूरजपुर : जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर जिलेभर में नाबालिग स्कूली बच्चों द्वारा दोपहिया और अन्य वाहन चलाने के खिलाफ एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 102 नाबालिग छात्रों को वाहन चलाते हुए पकड़ा और उनके अभिभावकों पर मोटर व्हीकल एक्ट (MV Act) के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की।
स्कूलों के पास विशेष चेकिंग अभियान
29 जुलाई को चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत पुलिस टीमों ने जिले के प्रमुख मार्गों, चौराहों और विभिन्न स्कूलों के आसपास सघन चेकिंग प्वाइंट बनाए। जांच के दौरान जैसे ही स्कूली छात्र दोपहिया वाहनों पर आते दिखे, पुलिस ने उन्हें रोककर पूछताछ की। 102 मामलों में छात्र नाबालिग पाए गए। पुलिस ने तत्काल उनके पालकों और अभिभावकों को मौके पर या थाने में बुलाकर कानून का पाठ पढ़ाया और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की।
160 प्रकरणों में 71,600 रुपये का जुर्माना
सूरजपुर पुलिस द्वारा चलाए गए इस एक दिवसीय विशेष अभियान के दौरान कुल 160 मामलों में कार्रवाई की गई और ₹71,600 का समन शुल्क वसूला गया:
नाबालिग चालकों के मामले: 102 नाबालिग छात्रों के वाहन चलाने पर उनके अभिभावकों पर कार्रवाई करते हुए ₹63,000 का समन शुल्क लिया गया।
यातायात नियमों का उल्लंघन: अन्य 58 वाहन चालकों द्वारा बिना हेलमेट, बिना दस्तावेज या अन्य नियम तोड़ने पर ₹8,600 का जुर्माना लगाया गया।
ड्रंकन ड्राइविंग (शराब पीकर वाहन चलाना): चेकिंग के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए 4 चालकों के खिलाफ धारा 185 के तहत मामला दर्ज कर इस्तगाशा (मामला) माननीय न्यायालय में पेश किया गया।
स्कूलों में जाकर दी जा रही समझाइश
कार्रवाई के साथ-साथ पुलिस का जागरूकता अभियान भी जारी है। पुलिस टीमें जिले के विभिन्न शासकीय और निजी स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर रही हैं। छात्रों को स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है कि 18 वर्ष की आयु पूरी होने और वैध ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनने के बाद ही सड़कों पर वाहन चलाना कानूनी रूप से सही है। इसके अलावा पुलिस प्रशासन ने संबंधित स्कूल प्रबंधनों से भी अपील की है कि वे प्रार्थना सभाओं और पालकों की बैठकों में इस विषय को प्रमुखता से उठाएं।
पुलिस प्रशासन का कड़ा रुख
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आगे भी यह चेकिंग अभियान अनवरत जारी रहेगा। यदि भविष्य में भी कोई नाबालिग सड़क पर वाहन चलाता पाया गया, तो मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीधे वाहन स्वामी या अभिभावक को जिम्मेदार मानते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक की अपील: “बच्चे देश का भविष्य हैं, उनकी सुरक्षा पहली प्राथमिकता”
मामले में पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल ने सभी अभिभावकों से भावुक और सख्त अपील की है। उन्होंने कहा:
“नाबालिग छात्र-छात्राएं हमारे देश का भविष्य हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की है। अभिभावकों को समझना होगा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन देना किसी खतरे से खाली नहीं है। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उन मासूमों के जीवन और सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर संकट पैदा करता है। बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनाएं, उन्हें यातायात नियमों का पालन करना सिखाएं और उनके सुरक्षित व उज्ज्वल भविष्य में भागीदार बनें।”

