सूरजपुर में विश्व वायरल हेपेटाइटिस दिवस पर व्यापक अभियान: नर्सिंग छात्राओं को लगा सुरक्षा टीका, जिले भर में फैली जागरूकता

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में विश्व वायरल हेपेटाइटिस दिवस का सफल आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन को हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से बचाना और समय रहते इसके लक्षणों के प्रति सचेत करना रहा। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप नामदेव की देखरेख में इस पूरे अभियान को जिले भर में सफलतापूर्वक संचालित किया गया।
नर्सिंग छात्राओं ने संभाली जागरूकता की कमान
इस अवसर पर वीएम नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जन-जागरूकता फैलाने का बीड़ा उठाया। छात्राओं ने लोगों को हेपेटाइटिस के विभिन्न रूपों (A, B, C, D और E), उनके फैलने के कारणों, मुख्य लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
छात्राओं ने समझाया कि कैसे दूषित जल, दूषित भोजन, असुरक्षित रक्तधान और उपयोग की गई सुइयों के दोबारा प्रयोग से यह बीमारी फैल सकती है। इसके साथ ही समय पर जांच और टीकाकरण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
अग्रिम पंक्ति की स्वास्थ्यकर्मियों को मिला सुरक्षा कवच
स्वास्थ्य क्षेत्र में भविष्य में सेवाएं देने वाली इन नर्सिंग छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, कार्यक्रम के दौरान उन्हें हेपेटाइटिस से बचाव का टीका (वैक्सीन) भी लगाया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि जो स्वास्थ्यकर्मी भविष्य में मरीजों की देखभाल करेंगे, उनका स्वयं इस गंभीर बीमारी से सुरक्षित होना अनिवार्य है।
जिले के सभी विकासखंडों में चला जागरूकता अभियान
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि इसका प्रभाव केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। सूरजपुर जिले के सभी विकासखंडों और छोटे-बड़े प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस अभियान को एक साथ चलाया गया।
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम और आशा बहनों ने जमीनी स्तर पर जाकर लोगों से संवाद किया और हेपेटाइटिस से बचाव के पंपलेट एवं जानकारियां बांटीं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील: लक्षण दिखते ही कराएं जांच
आयोजन के अंत में स्वास्थ्य विभाग की ओर से आमजन से अपील की गई कि वे हेपेटाइटिस के लक्षणों जैसे—
अत्यधिक थकान और कमजोरी,
आंखों और त्वचा में पीलापन (पीलिया),
गहरे रंग का पेशाब,
पेट में दर्द और उल्टी होना,
इन्हें सामान्य मानकर अनदेखा न करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि हेपेटाइटिस का इलाज संभव है, बशर्ते सही समय पर इसकी जांच और पहचान हो सके। लोगों से निकटतम स्वास्थ्य केंद्र जाकर नि:शुल्क जांच कराने और पात्रता अनुसार टीकाकरण अवश्य कराने का आग्रह किया गया।

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