​शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आरोपी गिरफ्तार: Zero FIR के बाद अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने की कार्रवाई

Deshkibaat24
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अंबिकापुर : सरगुजा महिला संबंधी अपराधों पर त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए सरगुजा जिले की पुलिस टीम ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़िता को पसंद करने और शादी रचाने का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
शादी का प्रलोभन देकर लगभग एक साल तक किया शोषण
मामले का विस्तृत विवरण इस प्रकार है कि गिरहुलडी (थाना सीतापुर) निवासी निलेश श्रीवास (उम्र 20 वर्ष, पिता: कृष्णा श्रीवास) ने पीड़िता को पसंद करने की बात कही और उसे शादी का झांसा देकर अपने प्रेम जाल में फंसा लिया।
आरोपी शादी का प्रलोभन देकर लगातार पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता रहा। यह सिलसिला 15 अगस्त 2025 से लेकर 27 जुलाई 2026 तक चलता रहा। जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी अपने वादे से मुकरने लगा, जिसके बाद पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली।
जीरो एफआईआर से शुरू हुई कानूनी प्रक्रिया
पीड़िता ने सबसे पहले थाना बगीचा पहुँचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत दर्ज कराई। चूँकि घटना स्थल और अग्रिम कार्रवाई का अधिकार क्षेत्र थाना कोतवाली अंबिकापुर के अंतर्गत आता था, इसलिए बगीचा पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल शून्य (Zero FIR) पर अपराध दर्ज किया। इसके बाद केस की डायरी अग्रिम विवेचना के लिए थाना कोतवाली अंबिकापुर स्थानांतरित कर दी गई।
बीएनएस की धारा 69 के तहत मामला दर्ज
अंबिकापुर कोतवाली में डायरी प्राप्त होते ही पुलिस ने बिना किसी देरी के मामले में नम्बरी अपराध क्रमांक 522/26 दर्ज किया। नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का झूठा वादा कर या धोखे से संबंध बनाना) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
विवेचना अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता का विस्तृत कथन लेखबद्ध किया और आरोपी की तलाश के लिए जाल बिछाया।
पूछताछ में कबूला जुर्म, भेजा गया जेल
पुलिस टीम की सतत घेराबंदी और खोजबीन के बाद आरोपी निलेश श्रीवास को हिरासत में लिया गया। पुलिस द्वारा की गई कड़ाई से पूछताछ में उसने पीड़िता को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की बात स्वीकार कर ली। अपराध के पर्याप्त सबूत मिलने और जुर्म कबूल करने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
👮‍♂️ कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
महिला अपराधों पर त्वरित कार्रवाई की इस पूरी प्रक्रिया में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही:
शशिकान्त सिन्हा (थाना प्रभारी / निरीक्षक, कोतवाली)
राजेंद्र सिंह (उप निरीक्षक)
सूरज राय (प्रधान आरक्षक)
जोधन पैकरा (आरक्षक)
परवेज फ़िरदौशी (आरक्षक)

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