संवादाता मोहिबुल हसन (लोलो)
सूरजपुर : जिले के जनपद पंचायत भैयाथान अंतर्गत ग्राम परसिंया (बैजनाथपुर) में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के प्राथमिक शाला, मिडिल स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र जाने वाले मासूम बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को रोज़ाना आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य रास्ते पर स्थित नाले का निर्माण लगभग 30 से 40 वर्ष पूर्व हुआ था, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुका है।
चार टोलों का संपर्क मार्ग प्रभावित
परसिंया के आश्रित टोलों चगदहियापारा, कारिमाटी, चिरवापारा और बगहियापारा के लोग इसी जर्जर मार्ग और नाले के भरोसे आवाजाही करते हैं। बारिश के दिनों में या सामान्य दिनों में भी जर्जर नाले के कारण रास्ता बेहद खतरनाक हो जाता है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मासूम बच्चों को होती है जो आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला और मिडिल स्कूल की पढ़ाई के लिए रोज़ाना इसी रास्ते से गुजरते हैं।
“लगभग 1,000 की आबादी और मतदाता रोजाना इसी जर्जर नाले से होकर गुजरने को मजबूर हैं, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी इसकी सुध नहीं ली गई।”
समस्या के प्रमुख पहलू
मासूमों की सुरक्षा पर खतरा: प्राथमिक और मिडिल स्कूल के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्र भी एक ही परिसर में स्थित हैं। छोटे-छोटे बच्चों को रोज़ाना इस पुराने और टूट रहे नाले को पार करके जाना पड़ता है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है।
1000 मतदाताओं का आवागमन बाधित: इस क्षेत्र में लगभग 1,000 मतदाता निवास करते हैं। चुनाव के समय वोट मांगने वाले प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान इस पुरानी समस्या पर नहीं जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है।
40 साल पुराना निर्माण: ग्रामीणों का कहना है कि इस नाले का निर्माण लगभग तीन-चार दशक पहले हुआ था। समय के साथ यह इतना जर्जर हो चुका है कि अब इस पर नए पुल/रपटे का निर्माण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
ग्रामीणों की मांग
ग्राम चगदहियापारा, कारिमाटी, चिरवापारा और बगहियापारा के निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि मासूम बच्चों के भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाले पर तत्काल नए पुलिया या उच्च स्तरीय रपटे का निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जनपद पंचायत भैयाथान और जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे उग्र आंदोलन और प्रशासनिक स्तर पर ज्ञापन सौंपने को बाध्य होंगे।

