सूरजपुर: कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचे 48 मामले, रेना जमील ने अधिकारियों को दिए समय-सीमा में त्वरित निराकरण के निर्देश

Deshkibaat24
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सूरजपुर  : जिला मुख्यालय में सोमवार को साप्ताहिक कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन द्वारा आम जनता की समस्याओं के सीधे और त्वरित निवारण के लिए आयोजित इस जनदर्शन में जिले के विभिन्न दूर-दराज के क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी मांगें और शिकायतें दर्ज कराईं। इस दौरान कुल 48 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें संबंधित विभागों को सौंपकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
विभिन्न विभागों से जुड़े मामले आए सामने
जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे आवेदनों में विविधता देखी गई। ग्रामीणों और शहरी क्षेत्र के नागरिकों ने बुनियादी सुविधाओं से लेकर प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आ रही दिक्कतों को लेकर अपनी बात रखी। प्राप्त हुए 48 आवेदनों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों से संबंधित प्रकरण शामिल रहे:
राजस्व एवं भूमि विवाद: भूमि सीमांकन, खाता सुधार और नामांतरण से जुड़े मामले।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: मनरेगा, ग्रामीण अधोसंरचना और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतें।
सामाजिक सुरक्षा: वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं का लाभ न मिलने या रुकने की समस्याएँ।
बुनियादी सुविधाएं: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट, विद्युत कटौती और ट्रांसफार्मर की खराबी से जुड़ी मांगें।
स्वास्थ्य एवं शिक्षा: स्थानीय अस्पतालों में सुविधाओं की कमी और स्कूलों से संबंधित आवेदन।
संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ हो निराकरण: रेना जमील
कलेक्टर रेना जमील ने जनदर्शन में आए एक-एक आवेदन का गंभीरतापूर्वक और बारीकी से अवलोकन किया। मौके पर मौजूद नागरिकों की समस्याओं को खुद सुनते हुए उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया।
रेना जमील ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में मिलने वाले प्रत्येक प्रकरण का निराकरण केवल औपचारिकता न हो, बल्कि पूरी गुणवत्ता और संवेदनशीलता के साथ समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि पीड़ितों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान जिला प्रशासन के तमाम प्रमुख विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने कई मामलों में मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को तलब कर त्वरित दिशा-निर्देश जारी किए और कुछ गंभीर मामलों में संबंधित अधिकारियों को सीधे फील्ड विजिट कर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
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