
अंबिकापुर : सरगुजा जिले में आपराधिक मामलों की जांच और विवेचना की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशों के बाद अब सरगुजा पुलिस भी आधुनिक तकनीक से लैस होने जा रही है। जिले के थानों में तैनात 102 विवेचकों (जांच अधिकारियों) को उच्च तकनीकी क्षमता वाले सैमसंग स्मार्ट मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश में लागू नवीन आपराधिक कानूनों के तहत डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित और त्वरित संकलन सुनिश्चित करना है।
एसपी कार्यालय में हुआ विशेष कार्यक्रम
पुलिस मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के परिपालन और जमीनी स्तर पर ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ को बढ़ावा देने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय अंबिकापुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भापुसे) ने थानों से आए विवेचकों को स्मार्टफोन सौंपे। इस मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा अमोलक सिंह ढिल्लों समेत जिले के अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।
ASUMP योजना के तहत आधुनिकरण की ओर कदम
पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय रायपुर द्वारा ASUMP Scheme 2025-26 (Modern/Special Plan) के तहत सरगुजा जिले को ये 102 नग सैमसंग स्मार्ट मोबाइल उपलब्ध कराए गए हैं। यह योजना पुलिस बल के आधुनिकरण और जांच प्रणाली को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने का हिस्सा है।
स्मार्टफोन वितरण के दौरान विवेचकों को संबोधित करते हुए डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि आधुनिक तकनीक के समावेशन से पुलिस विवेचना की गुणवत्ता, निष्पक्षता और पारदर्शिता में ऐतिहासिक सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी कवायद का प्राथमिक उद्देश्य नए कानूनों के तहत डिजिटल साक्ष्यों (ई-साक्ष्य) का त्वरित, वैज्ञानिक और सुरक्षित संकलन करना है, ताकि अपराधियों को सजा दिलाने में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी न रहे।
वैज्ञानिक तरीके से होगी जांच और साक्ष्य संकलन
इस नई व्यवस्था के लागू होने से फील्ड में तैनात जांच अधिकारियों की कार्यप्रणाली पूरी तरह बदल जाएगी। अब विवेचक किसी भी अपराध स्थल (क्राइम सीन) पर पहुंचकर:
वैज्ञानिक और मानकीकृत तरीके से साक्ष्य एकत्र कर सकेंगे।
घटनास्थल की उच्च गुणवत्ता वाली तस्वीरें और ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग सीधे मौके से ही सुरक्षित कर सकेंगे।
डिजिटल रिपोर्टिंग के माध्यम से केस डायरी और जांच रिपोर्ट को पूरी तरह व्यवस्थित और समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन अपडेट किया जा सकेगा।
इससे साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की गुंजाइश खत्म होगी और न्यायालय में पुलिस का पक्ष बेहद मजबूत होगा।
जल्द शुरू होगा विशेष प्रशिक्षण और मॉनिटरिंग
स्मार्टफोन वितरण के इस शुरुआती चरण के पूरा होने के बाद, सरगुजा पुलिस प्रशासन अब अगले कदम की तैयारी में है। आगामी दिनों में इन सभी 102 विवेचकों के लिए एक विशेष तकनीकी प्रशिक्षण सत्र (ट्रेनिंग सेशन) आयोजित किया जाएगा, जिसमें उन्हें ई-साक्ष्य संकलन के ऐप्स और डेटा सुरक्षा के नियमों की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके साथ ही, तकनीकी सहायता प्रदान करने और डेटा सुरक्षा के दिशा-निर्देशों का जमीनी स्तर पर कड़ाई से पालन कराने के लिए एक मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम भी तैयार किया गया है, जो सीधे जिला मुख्यालय से नियंत्रित होगा।

