सूरजपुर : जिले में गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के स्वास्थ्य व पोषण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कलेक्टर रेना जमील के निर्देशन और महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य फोकस जिले के भीतर योजना के दायरे को बढ़ाना, पात्र हितग्राहियों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करना और लाभार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता पहुंचाना रहा।
मास्टर ट्रेनर्स ने दी ऑनलाइन संचालन और नियमों की जानकारी
कार्यक्रम में राज्य स्तर से विशेष रूप से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स ने उपस्थित प्रतिभागियों को योजना की तकनीकी और व्यावहारिक बारीकियों से अवगत कराया। मास्टर ट्रेनर आविधा उईके, रामेश्वरी सिंह (सेक्टर पर्यवेक्षक) और जिला मिशन समन्वयक शारदा सिंह ने सत्र को संबोधित किया। उन्होंने योजना के विभिन्न कानूनी प्रावधानों, पात्रता के कड़े मानदंडों और डिजिटल पोर्टल पर ऑनलाइन संचालन की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित मुख्य विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई:
वित्तीय सहायता के नियम: पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि के किश्तवार भुगतान की जानकारी।
दस्तावेजीकरण: हितग्राही पंजीयन के लिए आवश्यक अनिवार्य दस्तावेजों की सूची और उनकी जांच के तरीके।
डिजिटल एंट्री: पीएमएमवीवाई (PMMVY) पोर्टल पर त्रुटिहीन ऑनलाइन डेटा एंट्री और तकनीकी दिक्कतों को दूर करना।
समयबद्ध भुगतान: आवेदन की स्वीकृति से लेकर हितग्राही के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर होने तक की समय-सीमा का पालन।
मैदानी अमले को व्यावहारिक समस्याओं के समाधान के गुर सिखाए
योजना को जमीनी स्तर पर लागू करते समय फील्ड स्टाफ को आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके त्वरित समाधान पर भी सत्र आयोजित किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक जटिलताओं के कारण किसी भी गरीब या जरूरतमंद महिला का आवेदन निरस्त या लंबित नहीं होना चाहिए।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उपस्थित अधिकारियों ने सभी सेक्टर सुपरवाइजर, कंप्यूटर ऑपरेटर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी पात्र हितग्राही इस जनकल्याणकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। शासन की मंशा के अनुरूप अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के लिए सभी को पूर्ण जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर बल दिया गया।
शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का संकल्प
इस कार्यशाला का अंतिम और मुख्य उद्देश्य फील्ड अमले (मैदानी कार्यकर्ताओं) को लाभार्थियों के साथ सीधा और प्रभावी संवाद स्थापित करने के लिए प्रेरित करना था, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को भी जागरूक कर योजना से जोड़ा जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी सेक्टर पर्यवेक्षकों, ऑपरेटरों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सूरजपुर जिले में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को शत-प्रतिशत सफल बनाने और जमीनी स्तर पर हर पात्र महिला तक इसका लाभ पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
सूरजपुर में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न, शत-प्रतिशत पंजीयन का लक्ष्य
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