
सूरजपुर : मनरेगा और पीएम आवास हितग्राहियों की अनुकरणीय सहभागिता से महक उठे शासकीय परिसर, रोजगार के क्षेत्र में 125 दिनों की ऐतिहासिक गारंटी और 7 दिनों में त्वरित भुगतान का हुआ प्रचार-प्रसार
सूरजपुर / 05 जून 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर आज सूरजपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण सशक्तिकरण का एक अनूठा समन्वय देखने को मिला। जिला प्रशासन के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस वृहद पर्यावरण जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिले की समस्त ग्राम पंचायतों में एक ही दिन में रिकॉर्ड 42,431 फलदार, छायादार और औषधीय पौधों का रोपण किया गया।
इस महाभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें किसी औपचारिक औपचारिकता के बजाय सीधे जमीन से जुड़े नागरिकों, विशेषकर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के हितग्राहियों ने सक्रिय रूप से श्रमदान कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
शासकीय एवं सार्वजनिक परिसरों का हुआ कायाकल्प
प्रशासनिक कार्ययोजना के अनुसार, इस पौधारोपण अभियान को केवल खाली पड़ी भूमियों तक सीमित न रखकर जिले के प्रमुख शासकीय एवं सामाजिक केंद्रों पर केंद्रित किया गया। इसके तहत जिले के समस्त:
शासकीय कार्यालय परिसर एवं पंचायत भवन
आंगनवाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य उप-केंद्र
प्राथमिक शालाएं, मिडिल स्कूल एवं हाई स्कूल परिसर
पटवारी भवन और सामुदायिक भवन
इन सभी सार्वजनिक स्थलों के समीप खाली पड़ी भूमियों को वृक्षारोपण के लिए चयनित किया गया। रोपे गए इन पौधों की सुरक्षा और उनके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी भी स्थानीय स्तर पर ग्राम स्तर के समूहों को सौंपी गई है, ताकि आगामी समय में ये पौधे सुरक्षित वृक्ष का रूप ले सकें।
‘वीबी जी राम जी योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार: ग्रामीणों को मिली ऐतिहासिक सौगात
वृक्षारोपण कार्यक्रम के इस विशेष मंच का उपयोग ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शासन की नई और अत्यंत महत्वाकांक्षी “वीबी जी राम जी योजना” की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के लिए किया गया। ग्राम सभाओं और विभिन्न कार्यक्रम स्थलों पर उपस्थित ग्रामीणों को योजना के दूरगामी और क्रांतिकारी लाभों के बारे में विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस नवीन योजना के आने से ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में दो बड़े युगांतरकारी बदलाव होने जा रहे हैं:
1. अब 100 के स्थान पर मिलेंगे पूरे 125 दिन का रोजगार
अब तक मनरेगा के अंतर्गत प्रति ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 दिवस का रोजगार प्रदान किए जाने का वैधानिक प्रावधान था। परंतु ‘वीबी जी राम जी योजना

