सूरजपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर वृहद पौधरोपण; कलेक्टर रेना जमील ने लीची का पौधा रोपकर दिया हरियाली का संदेश

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  विश्व पर्यावरण दिवस के वैश्विक अवसर पर आज सूरजपुर के जिला संयुक्त कार्यालय परिसर स्थित मैदान में एक गरिमामय और प्रेरणादायक पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के तहत जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला कलेक्टर रेना जमील द्वारा लीची का पौधा लगाकर की गई। इसके बाद परिसर के विभिन्न हिस्सों में छायादार और फलदार पौधों का रोपण किया गया।
बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन पर जताई चिंता
पौधरोपण के उपरांत उपस्थित जनसमूह और मीडिया कर्मियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर रेना जमील ने वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण की तात्कालिक आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर बढ़ते तापमान, अनियमित मौसम चक्र और पर्यावरणीय असंतुलन को मानव जाति के लिए एक बड़ी चेतावनी बताया।
रेना जमील ने कहा, “आज के समय में पर्यावरण के प्रति सजग, संवेदनशील और सक्रिय होना किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का मौलिक कर्तव्य बन चुका है। यदि हम आज कदम नहीं उठाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को एक अस्वच्छ, असुरक्षित और अत्यधिक गर्म वातावरण का सामना करना पड़ेगा।”
“पौधा लगाना शुरुआत है, उसे पेड़ बनाना असली जिम्मेदारी”
अक्सर देखा जाता है कि पौधरोपण कार्यक्रमों के बाद पौधों की देखरेख के अभाव में वे नष्ट हो जाते हैं। इस समस्या को रेखांकित करते हुए कलेक्टर ने रोपण से कहीं अधिक उसके संरक्षण और नियमित देखभाल के महत्व को सर्वोपरि बताया।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“पौधरोपण केवल पांच जून के एक दिवसीय उत्सव या औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। हमारा प्रयास तब सार्थक माना जाएगा जब आज मिट्टी में रोपा गया एक-एक पौधा कल को एक विशाल और सुरक्षित वृक्ष का रूप ले सके। इसलिए हर व्यक्ति को ‘एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल करें’ की भावना को केवल नारा न मानकर अपने जीवन का अनिवार्य हिस्सा बनाना होगा।”
मानसून में वृहद स्तर पर जुड़ने की अपील
प्रशासनिक अमले के साथ-साथ जिले के आम नागरिकों को इस मुहिम का हिस्सा बनाने के लिए कलेक्टर द्वारा एक विशेष अपील जारी की गई। उन्होंने सूरजपुर के तमाम जिलेवासियों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से आह्वान किया कि वे न केवल आज, बल्कि आगामी बरसात (मानसून) के पूरे मौसम में न्यूनतम एक पौधा अनिवार्य रूप से रोपें।
उन्होंने कहा कि प्रकृति को हरा-भरा और स्वस्थ बनाने के लिए जन-भागीदारी (Community Participation) सबसे बड़ा हथियार है। जब तक समाज का अंतिम व्यक्ति इस हरियाली अभियान से नहीं जुड़ेगा, तब तक हम एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ सूरजपुर के सपने को पूरा नहीं कर पाएंगे।
अधिकारियों और कर्मचारियों का मिला सहयोग
इस जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान संयुक्त कार्यालय परिसर के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, खंड स्तर के कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे। कलेक्टर रेना जमील की इस पहल की सराहना करते हुए सभी उपस्थित जनों ने न केवल खुद पौधे लगाए, बल्कि परिसर में रोपे गए सभी पौधों को नियमित पानी देने और उनकी सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी लेने का संकल्प भी दोहराया।

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