सूरजपुर : आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में सूरजपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। आदिवासी विकास विभाग सूरजपुर द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले में संचालित आश्रमों और छात्र-छात्राओं के छात्रावासों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘स्वस्थ तन-स्वस्थ मन’ (स्वास्थ्य सुरक्षा) योजना की शुरुआत की गई है।
इस योजना के तहत जिले के ऐसे सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों एवं आश्रमों, जहाँ स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ रहने वाले छात्र-छात्राओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए निजी चिकित्सकों (MBBS और BAMS) से अनुबंध के आधार पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
19 जून तक किए जा सकेंगे आवेदन
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इच्छुक और योग्य निजी चिकित्सक 19 जून 2026 को सायं 5:30 बजे तक अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आवेदन केवल कार्यालयीन कार्य दिवसों (Working Days) में ही स्वीकार किए जाएंगे। इस निर्धारित समय-सीमा के बाद मिलने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।
क्या होंगी अनुबंधित चिकित्सकों की जिम्मेदारियाँ?
योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अनुबंधित डॉक्टरों को कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करना होगा:
नियमित भ्रमण: चयनित डॉक्टरों को आवंटित संस्था (आश्रम/छात्रावास) में प्रत्येक महीने में कम से कम दो बार अनिवार्य रूप से जाना होगा।
स्वास्थ्य परीक्षण: संस्था में निवासरत सभी छात्र-छात्राओं का गहन स्वास्थ्य परीक्षण करना होगा और उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सलाह व दवाइयाँ देनी होंगी।
रिकॉर्ड संधारण: बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए डॉक्टरों को एक ‘स्वास्थ्य पंजी’ (रजिस्टर) और प्रत्येक छात्र का व्यक्तिगत ‘हेल्थ कार्ड’ तैयार करना होगा, ताकि उनके स्वास्थ्य के इतिहास (Health History) को ट्रैक किया जा सके।
मानदेय का निर्धारण
सरकार और विभाग द्वारा डॉक्टरों को उनके भ्रमण (विजिट) के आधार पर मानदेय देने का प्रावधान किया गया है, जो संस्था की छात्र क्षमता पर निर्भर करेगा:
50 सीटर छात्रावास/आश्रम के लिए: ₹750 प्रति भ्रमण (विजिट) देय होगा।
100 सीटर छात्रावास/आश्रम के लिए: ₹1200 प्रति भ्रमण (विजिट) देय होगा।
पात्रता और अनिवार्य शर्तें
इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और केवल समर्पित चिकित्सकों की सेवाएं लेने के लिए विभाग ने सख्त नियम तय किए हैं। आवेदन करने वाले चिकित्सक का किसी भी शासकीय (Government) या अर्ध-शासकीय (Semi-Government) संस्था में नियमित या संविदा (Contractual) रूप से कार्यरत न होना अनिवार्य है। आवेदकों को इस बात की पुष्टि के लिए आवेदन के साथ एक वैधानिक शपथ-पत्र (Affidavit) भी संलग्न करना होगा।
यहाँ करें संपर्क
अनुबंध से जुड़ी विस्तृत नियम-शर्तों, आवेदन के प्रारूप और अन्य किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इच्छुक चिकित्सक कार्यालयीन समय में सीधे आदिवासी विकास विभाग कार्यालय (कक्ष क्रमांक जी-3, संयुक्त जिला कार्यालय भवन, भू-तल, सूरजपुर) में जाकर संपर्क कर सकते हैं।
संपादकीय टिप्पणी: यह योजना सूरजपुर के आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। समय पर बीमारी की पहचान और इलाज से बच्चों की उपस्थिति और उनके शैक्षणिक स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा।
सूरजपुर के आश्रम-छात्रावासों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए निजी चिकित्सकों से आवेदन आमंत्रित
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