एक पेड़, अनेक पीढ़ियों का भविष्य: पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट हुआ सूरजपुर, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने किया पौधरोपण

Deshkibaat24
4 Min Read


सूरजपुर : विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर सूरजपुर जिले के भटगांव नगर पंचायत में पर्यावरण संरक्षण और ‘हरित छत्तीसगढ़’ के निर्माण को लेकर एक विशाल जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। भटगांव स्थित प्रसिद्ध पुष्प वाटिका में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने फलदार पौधों का रोपण कर प्रदेशवासियों को प्रकृति को सहेजने का संदेश दिया।
पुष्प वाटिका में आम और अमरूद का रोपण
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने पुष्प वाटिका परिसर में आम और अमरूद के पौधों का रोपण किया। उन्होंने पौधों को पानी देकर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी भी ली। इस अवसर पर उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने भी वाटिका परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया और पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सामूहिक शपथ ली।
“एक पेड़, अनेक पीढ़ियों का भविष्य”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लक्ष्मी राजवाड़े ने एक बेहद प्रेरणादायक नारा दिया— “एक पेड़, अनेक पीढ़ियों का भविष्य”। उन्होंने कहा कि आज के समय में वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के अस्तित्व की रक्षा का एकमात्र जरिया है।
उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:
मानव स्वास्थ्य का आधार: वृक्ष केवल पर्यावरण का संतुलन ही नहीं बनाते, बल्कि यह मानव जीवन के अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु होने की बुनियादी जरूरत हैं।
जलवायु परिवर्तन की चुनौती: वर्तमान में पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन (ग्लोबल वार्मिंग) और बढ़ते प्रदूषण की गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इन संकटों से निपटने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय अधिक से अधिक पेड़ लगाना है।
प्रत्येक नागरिक का संकल्प: उन्होंने अपील की कि समाज के हर व्यक्ति का यह नैतिक दायित्व है कि वह अपने जीवन में कम से कम एक पौधा जरूर लगाए और सिर्फ लगाए ही नहीं, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी पूरी देखभाल करने का संकल्प भी ले।
जनसहभागिता को जनआंदोलन बनाने का आह्वान
लक्ष्मी राजवाड़े ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए लगातार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है, लेकिन कोई भी सरकारी अभियान तब तक पूरी तरह सफल नहीं हो सकता, जब तक कि उसमें आम जनता की सक्रिय भागीदारी न हो।
उन्होंने छत्तीसगढ़ को हरा-भरा और समृद्ध बनाने के लिए इस अभियान को एक ‘जनआंदोलन’ का रूप देने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब राज्य का प्रत्येक नागरिक प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से समझेगा, तभी हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर धरती सौंपने में कामयाब हो पाएंगे।
जागरूकता और सामूहिक संकल्प के साथ समापन
विश्व पर्यावरण दिवस के इस कार्यक्रम ने भटगांव और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का एक सकारात्मक माहौल तैयार किया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी नागरिकों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और अपने आस-पास की हरियाली को बचाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस आयोजन ने समाज को यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा ही वास्तव में मानव जीवन की रक्षा है।

Share This Article
Leave a comment