
सूरजपुर : स्थानीय निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत बहुप्रतीक्षित नगर पंचायत शिवनन्दनपुर के अध्यक्ष एवं सभी 15 वार्डों के पार्षद पदों के लिए हुए चुनाव के आधिकारिक परिणाम आज घोषित कर दिए गए हैं। सुबह से शुरू हुई कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना के बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा अंतिम विजयी प्रत्याशियों की सूची जारी की गई। इस बार के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष पद सहित परिषद में बहुमत हासिल कर लिया है।
अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला, रितेश जायसवाल ने मारी बाजी
नगर पंचायत शिवनन्दनपुर के अध्यक्ष पद के लिए मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी रितेश जायसवाल ने शुरूआती बढ़त बनाए रखते हुए अंत तक अपना दबदबा कायम रखा। रितेश जायसवाल ने कुल 2028 मत प्राप्त कर ऐतिहासिक विजय हासिल की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी इण्डियन National कांग्रेस के उम्मीदवार संजय सोनी को 362 मतों के अंतर से पराजित किया। संजय सोनी को कुल 1666 मत प्राप्त हुए। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) के प्रत्याशी सतपाल साहू तीसरे स्थान पर रहे, जिन्हें मात्र 214 मतों से संतोष करना पड़ा। इस परिणाम के साथ ही शिवनन्दनपुर नगर पंचायत की कमान अब भाजपा के हाथों में आ गई है।
सभी 15 वार्डों के परिणाम: जानिए किस वार्ड से कौन बना पार्षद
नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों में भी चुनावी नतीजे बेहद उतार-चढ़ाव वाले रहे। कई वार्डों में जहां एकतरफा जीत देखने को मिली, वहीं कुछ वार्डों में जीत-हार का अंतर बेहद कम रहा। सभी वार्डों के प्रत्याशियों को मिले मतों का विस्तृत विवरण नीचे दिया जा रहा है:
वार्ड क्रमांक 01: इस वार्ड में कुल चार प्रत्याशी मैदान में थे। भारतीय जनता पार्टी के श्यामू साहू ने 205 मत पाकर एकतरफा जीत दर्ज की। उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के राजेन्द्र प्रसाद यादव को 95 मत मिले। आम आदमी पार्टी के जय किशन जायसवाल को मात्र 02 वोट तथा निर्दलीय प्रत्याशी प्रवीण कुमार शाह को 21 वोट मिले।
वार्ड क्रमांक 02: यहाँ सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच था। भाजपा की प्रमिला साहू ने 122 मत प्राप्त कर विजय हासिल की। उन्होंने कांग्रेस की आंचल यादव को पराजित किया, जिन्हें 79 मत प्राप्त हुए।
वार्ड क्रमांक 03: इस वार्ड में कांग्रेस ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कांग्रेस के अंशुल गोयल ने 141 मत हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने भाजपा के राजेश जैन को हराया जिन्हें 73 मत मिले। आम आदमी पार्टी के अजय घोष को मात्र 04 मत मिले।
वार्ड क्रमांक 04: यहाँ सबसे अधिक छह प्रत्याशी मैदान में थे, जिससे मतों का काफी ध्रुवीकरण हुआ। अंततः भाजपा की मंजू खेमचंद गोयल ने 126 मत पाकर जीत का परचम लहराया। कांग्रेस की विनेश्वरी सान्डिल को 92 मत मिले, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी सुनैना देवी 91 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं। अन्य प्रत्याशियों में शषिकला गुप्ता को 51, सीमा (आप) को 04 और प्रीती विश्वकर्मा को 03 मत मिले।
वार्ड क्रमांक 05: इस वार्ड से कांग्रेस की विमला सिंह ने 121 मत प्राप्त कर जीत हासिल की। उन्होंने अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा की अनिता सिंह को मात दी, जिन्हें 67 वोट मिले। वहीं आम आदमी पार्टी की नीलम सिंह को 36 और निर्दलीय नीरा सिंह को 32 मत प्राप्त हुए।
वार्ड क्रमांक 06: कांग्रेस के बृजेन्द्र सिंह ने 118 मत लेकर अपने विरोधियों को पछाड़ा। भाजपा के सुरेश कुमार बखला को 49 मत मिले, जबकि निर्दलीय मनोज सिंह को 32 और आम आदमी पार्टी के महेन्द्र सिंह को 11 मत मिले।
वार्ड क्रमांक 07: इस वार्ड में कड़ा मुकाबला देखा गया, जहां भाजपा की अंजली राजवाड़े ने 138 मत पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस की शम्मा परवीन को 19 मतों से हराया, जिन्हें 119 मत मिले थे। इसके अतिरिक्त संगीता सिंह को 47, सिंधु अजय घोष (निर्दलीय) को 15, सेनअब्बा खान (आप) को 05 और अनिता देवी को 04 मत प्राप्त हुए।
वार्ड क्रमांक 08: इस वार्ड से कांग्रेस के हर्ष दनौदिया ने 122 मत प्राप्त कर भाजपा के अमित मित्तल को पराजित किया। अमित मित्तल को 83 मत मिले, जबकि आम आदमी पार्टी के मोनू बलराम पठारी को मात्र 01 वोट मिला।
वार्ड क्रमांक 09: यह वार्ड इस पूरे निर्वाचन का सबसे रोमांचक और कांटे की टक्कर वाला वार्ड रहा। यहाँ कांग्रेस के संतोष जायसवाल ने महज 7 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। संतोष जायसवाल को 113 मत मिले, जबकि भाजपा के मजबूत प्रतिद्वंद्वी तारकेश्वर पटेल को 106 मतों पर रुकना पड़ा। निर्दलीय प्रत्याशी बिजेन्द्र कुमार यादव को केवल 11 मत मिले।
वार्ड क्रमांक 10: इस वार्ड से भाजपा की वर्षा जायसवाल ने 121 मत प्राप्त कर शानदार जीत हासिल की। दूसरे स्थान पर निर्दलीय प्रत्याशी रमेश कुमार सिंह रहे जिन्हें 70 मत मिले, जबकि कांग्रेस के राजेश जायसवाल को केवल 32 मतों से संतोष करना पड़ा।
वार्ड क्रमांक 11: कांग्रेस के चन्दन सिंह ने इस वार्ड से 80 मत पाकर जीत हासिल की। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी कुन्दन विश्वकर्मा को हराया, जिन्होंने कड़ी टक्कर देते हुए 66 मत बटोरे। भाजपा के संतोष पाठक यहाँ तीसरे स्थान पर खिसक गए, जिन्हें केवल 34 मत प्राप्त हुए।
वार्ड क्रमांक 12: भाजपा के मनी बग्गा ने 127 मत लेकर इस वार्ड में बड़ी जीत दर्ज की। उनके सामने निर्दलीय प्रत्याशी दीपक सोनी थे जिन्हें 56 वोट मिले। वहीं कांग्रेस के राजकुमार टोप्पो को 04 और आम आदमी पार्टी के विजय पठारी को सिर्फ 01 वोट मिला।
वार्ड क्रमांक 13: इस वार्ड में कांग्रेस के अहमद वाहिद ने 191 मतों का विशाल आंकड़ा छूते हुए जीत हासिल की। उन्होंने भाजपा के राजू पाटले को मात दी, जिन्हें 157 मत मिले। आम आदमी पार्टी की सुनीता बाई गुप्ता को 12 मत मिले।
वार्ड क्रमांक 14: यहाँ भी कांग्रेस ने परचम लहराया। कांग्रेस की दीपमाला सोनी ने 173 मत प्राप्त कर जीत हासिल की, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी भाजपा की आकांक्षा गुप्ता को 141 मत प्राप्त हुए।
वार्ड क्रमांक 15: नगर पंचायत के अंतिम वार्ड में भाजपा के प्रशांत अग्रवाल ने 167 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस के सन्नी अग्रवाल को शिकस्त दी, जिन्हें 120 मत प्राप्त हुए।
राजनैतिक दलों की अंतिम स्थिति और चुनावी विश्लेषण
संपूर्ण नतीजों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि नगर पंचायत शिवनन्दनपुर की जनता ने इस बार स्पष्ट रूप से भाजपा की परिषद बनाने के पक्ष में मतदान किया है। 15 सदस्यीय वार्डों में भाजपा ने कुल 8 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को 7 सीटों पर संतोष करना पड़ा है।
आम आदमी पार्टी (आप) और निर्दलीय प्रत्याशी इस बार खाता खोलने में पूरी तरह असमर्थ रहे हैं। अध्यक्ष पद पर भाजपा की जीत और पार्षदों में भी स्पष्ट बहुमत (8 सीटें) मिलने के कारण अब नगर के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष चुनावी तथ्य:
सबसे बड़ी जीत: वार्ड क्रमांक 01 में भाजपा के श्यामू साहू ने 110 मतों के अंतर से रिकॉर्ड जीत दर्ज की।
सबसे छोटी व करीबी जीत: वार्ड क्रमांक 09 में कांग्रेस के संतोष जायसवाल ने भाजपा के तारकेश्वर पटेल को मात्र 7 मतों के मामूली अंतर से हराया।
तीसरा मोर्चा बेअसर: आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों को जनता ने पूरी तरह नकार दिया, जिससे मुकाबला केवल भाजपा और कांग्रेस के बीच सिमट कर रह गया।

