सूरजपुर में अवैध खनिज भंडारण पर प्रशासन का डंडा; दो क्रशर संयंत्र सील, भारी मात्रा में गिट्टी और बोल्डर जब्त

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिजों के अवैध भंडारण पर जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। कलेक्टर रेना जमील के सख्त रुख और स्पष्ट निर्देशों के बाद, राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने रामानुजनगर तहसील क्षेत्र में चल रहे अवैध क्रशर संयंत्रों पर छापेमारी कर उन्हें सीलबंद कर दिया है। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के माफियाओं और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
औचक निरीक्षण में खुली पोल
मिली जानकारी के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) रामानुजनगर और खनिज विभाग सूरजपुर के संयुक्त दल द्वारा रामानुजनगर क्षेत्र में गौण खनिज (साधारण पत्थर) के भंडारण स्थलों और क्रशर संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान टीम ग्राम पस्ता पहुंची, जहां दो बड़े क्रशर संयंत्र पूरी क्षमता के साथ संचालित होते पाए गए।
जब अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दस्तावेजों और लाइसेंस की जांच शुरू की, तो एक बड़ा फर्जीवाड़ा और नियमों का उल्लंघन सामने आया।
लाइसेंस खत्म, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा था कारोबार
जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि ग्राम पस्ता में स्थित इन क्रशर संयंत्रों का स्वामित्व सपना अग्रवाल और गुप्तेश्वर पाण्डेय के पास है। इन दोनों संचालकों को ग्राम छिन्दिया (तहसील रामानुजनगर) में गौण खनिज पत्थर के भंडारण के लिए अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) दी गई थी।
मुख्य उल्लंघन: दोनों ही संचालकों के भंडारण अनुज्ञप्ति की वैध अवधि काफी समय पहले समाप्त हो चुकी थी। नियमों के मुताबिक लाइसेंस खत्म होने के बाद संचालन तुरंत बंद किया जाना चाहिए था, लेकिन नियमों को ताक पर रखकर क्रशर संयंत्रों का संचालन धड़ल्ले से किया जा रहा था और अवैध रूप से पत्थरों का भंडारण जारी था।
मौके पर जब्ती और सीलबंदी की कार्रवाई
नियमों का स्पष्ट उल्लंघन पाए जाने पर संयुक्त दल ने बिना कोई वक्त गंवाए वैधानिक कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों ने त्वरित कदम उठाते हुए निम्नलिखित कार्रवाई की:
खनिज सामग्री की जब्ती: दोनों संयंत्रों के परिसरों में अवैध रूप से भंडारित करके रखी गई भारी मात्रा में खनिज गिट्टी और बोल्डर को जब्त कर लिया गया।
संयंत्रों को किया सील: अवैध संचालन को पूरी तरह रोकने के लिए संयुक्त टीम ने दोनों क्रशर संयंत्रों को सीलबंद (सील) कर दिया।
पंचनामा तैयार: मौके पर ही गवाहों की मौजूदगी में जब्ती और सीलबंदी का पंचनामा तैयार कर आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मामला दर्ज किया गया।
टास्क फोर्स की पैनी नजर, आगे भी होगी जेल और जुर्माने की कार्रवाई
खनिज विभाग और जिला स्तरीय टास्क फोर्स के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले के संवेदनशील और अवैध गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ड्रोन और जमीनी स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
कलेक्टर कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज होगा। यदि कोई भी व्यक्ति या संचालक पर्यावरण के नियमों और खनिज अधिनियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारी जुर्माने के साथ-साथ क्रिमिनल केस भी दर्ज कराया जाएगा। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में किसी भी तरह के अवैध खनिज कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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