कोयलांचल चिरमिरी में वित्तीय धोखाधड़ी: 30 मई की समय-सीमा विफल, फर्जी दस्तावेज और अनलिस्टेड शेयरों के सहारे कानूनी कार्रवाई रोकने का प्रयास

Deshkibaat24
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चिरमिरी:
कोयलांचल चिरमिरी में सामने आए बड़े निवेश घोटाले में मुख्य आरोपी राजेश कुमार गुप्ता द्वारा निवेशकों को शांत रखने के लिए दी गई 30 मई की समय-सीमा (डेडलाइन) विफल हो चुकी है। आरोपी वर्तमान में फरार है और उसका मोबाइल फोन बंद है। ताजा घटनाक्रम और सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, निवेशकों के करोड़ों रुपये की हेराफेरी करने के बाद आरोपी के देश छोड़कर विदेश भागने की आशंका जताई जा रही है। इस बीच, उसके सहयोगियों द्वारा निवेशकों पर पुलिस शिकायत (F.I.R.) न करने का दबाव बनाया जा रहा है।
फर्जी दस्तावेज और मूल्यहीन प्रतिभूतियों (Securities) का तकनीकी विश्लेषण
वित्तीय विशेषज्ञों द्वारा जांचे गए दस्तावेजों के अनुसार, राजेश गुप्ता द्वारा निवेशकों को दिए गए कथित ‘शेयर बॉन्ड’ पूरी तरह से अवैध और तकनीकी रूप से मूल्यहीन हैं:
भौतिक शेयरों (Physical Shares) का अवैध प्रचलन: भारत में सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नियमों के तहत वर्ष 1996 से भौतिक शेयरों का हस्तांतरण प्रतिबंधित है। वर्तमान में अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर भी अनिवार्य रूप से केवल इलेक्ट्रॉनिक (डीमैट) रूप में ही रखे जा सकते हैं। आरोपी द्वारा बांटे गए रंगीन प्रिंटेड पेपर कानूनी रूप से वैध दस्तावेज नहीं हैं।
ISIN और डिपॉजिटरी मुहर का अभाव: इन कथित प्रमाणपत्रों पर कोई भी ISIN (इंटरनेशनल सिक्योरिटीज आइडेंटिफिकेशन नंबर) दर्ज नहीं है, और न ही राष्ट्रीय डिपॉजिटरी (NSDL या CDSL) का कोई प्रमाणीकरण है।
अमान्य एक्सचेंज के शेयर: आरोपी के पोर्टफोलियो में ICEX (इंडियन कमोडिटी एक्सचेंज) के शेयर शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि SEBI इस एक्सचेंज की मान्यता पहले ही रद्द कर चुका है, जिसके कारण इन शेयरों का वर्तमान बाजार मूल्य शून्य है।
आरोपी के एसेट पोर्टफोलियो की वास्तविक स्थिति
वित्तीय पड़ताल में राजेश कुमार गुप्ता और पूजा गुप्ता के पोर्टफोलियो में शामिल प्रमुख कंपनियों के शेयरों की वास्तविक बाजार स्थिति इस प्रकार पाई गई है:

कंपनी का नाम अंकित मूल्य (Face Value) वर्तमान बाजार स्थिति और तरलता (Market Status & Liquidity)
ICEX ₹5 शून्य मूल्य: रेगुलेटर द्वारा एक्सचेंज की मान्यता रद्द, वित्तीय मूल्य पूरी तरह समाप्त।
Metropolitan Stock Exchange (MSE) ₹10 अत्यधिक इलिक्विड: अनलिस्टेड मार्केट में इसकी कीमत ₹1 से भी कम है और ट्रेडिंग वॉल्यूम न के बराबर है।
API Holdings (PharmEasy) ₹1 घाटे में कार्यरत: अनलिस्टेड बाजार में शेयर मात्र ₹5 से ₹6 पर है। कंपनी भारी वित्तीय घाटे में है।
Oravel Stays (OYO) ₹10 सीमित बाजार: अनलिस्टेड मूल्य ₹20-₹25 के करीब है, लेकिन खुले बाजार में इसकी तत्काल तरलता (Liquidity) शून्य है।
Dreamplug Tech (CRED) ₹10 प्राइवेट लिमिटेड: नियमों के अनुसार प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के शेयरों को किसी तीसरे पक्ष को खुले बाजार में हस्तांतरित या बेचा नहीं जा सकता।
Wakefit Innovations ₹10 प्रेफरेंस शेयर: यह श्रेणी केवल कंपनी द्वारा पुनर्खरीद (Buyback) या IPO के समय ही भुनाई जा सकती है।

कानूनी कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए अपनाई जा रही रणनीतियां
30 मई की समय-सीमा समाप्त होने के बाद निवेशकों में बढ़ते आक्रोश को नियंत्रित करने के लिए आरोपी पक्ष द्वारा संगठित तरीके से दबाव और भ्रामक रणनीतियों का उपयोग किया जा रहा है:
सहयोगियों (मीडिएटर्स) द्वारा मनोवैज्ञानिक दबाव: क्षेत्र में सक्रिय आरोपी के बिचौलिए निवेशकों को यह कहकर प्रभावित कर रहे हैं कि कानूनी कार्रवाई या F.I.R. करने की स्थिति में आरोपी के जेल जाने से धन वापसी की संभावनाएं पूरी तरह समाप्त हो जाएंगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेशकों को रोकने की एक सुनियोजित रणनीति है।
दिसंबर 2026 के दीर्घकालिक एग्रीमेंट: आरोपी ने कई निवेशकों के साथ स्टाम्प पेपर पर दिसंबर 2026 तक की अवधि के समझौते किए हैं। यह इस आपराधिक धोखाधड़ी (Criminal Fraud) को सिविल विवाद (Civil Dispute) का रूप देने का एक प्रयास है, ताकि आपराधिक धाराओं के तहत पुलिसिया कार्रवाई को टाला जा सके।
पारिवारिक अलगाव का दावा: पीड़ितों द्वारा जब आरोपी के पैतृक ग्राम मंजा (सरभोका) में संपर्क किया जा रहा है, तो परिजनों द्वारा आरोपी से किसी भी प्रकार का संबंध न होने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह अक्सर वित्तीय जवाबदेही और बेनामी संपत्तियों को छुपाने के लिए किया जाता है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण और विशेषज्ञों की सलाह
चिरमिरी के इस बड़े वित्तीय मामले में जहां सैकड़ों परिवारों की जमा पूंजी प्रभावित हुई है, वहां पुलिस प्रशासन द्वारा त्वरित और कड़े कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
कानूनी और वित्तीय विशेषज्ञों की संयुक्त सलाह:
वित्तीय अपराधों में समय बीतने के साथ धन की रिकवरी (Asset Recovery) की संभावना कम होती जाती है। दिसंबर 2026 या किसी अन्य मौखिक आश्वासन पर निर्भर रहना आरोपी को अपनी संपत्तियों को ठिकाने लगाने और देश से बाहर जाने का अवसर प्रदान कर सकता है। प्रभावित निवेशकों को बिना किसी देरी के साक्ष्यों के साथ पुलिस और वित्तीय अपराध शाखा (EOW) में सामूहिक प्राथमिक रिपोर्ट (Group F.I.R.) दर्ज करानी चाहिए। कानूनन, न्यायालयीन कुर्की और संपत्ति ज़ब्ती की प्रक्रिया ही निवेशकों के धन की सुरक्षा का एकमात्र वैध मार्ग है।

संपादकीय टिप्पणी

‘देश की बात 24 न्यूज़’ इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी पैनी नज़र बनाए हुए है। जनहित और सैकड़ों पीड़ित परिवारों के न्याय को सर्वोपरि रखते हुए, यदि इस मामले में प्रशासन या संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा तत्काल कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है, तो ‘देश की बात 24 न्यूज़’ स्वयं आगे बढ़कर इस वित्तीय धोखाधड़ी के विरुद्ध जिला पुलिस अधीक्षक (SP) एवं सक्षम प्रशासनिक अधिकारियों को औपचारिक आवेदन सौंपकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग करेगा।

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