बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के थाना पस्ता क्षेत्र में पुलिस ने मुखबिर और गौरक्षकों से मिली सटीक सूचना के आधार पर मवेशी तस्करी के एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मवेशी तस्करी के दो अलग-अलग मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इन कार्रवाइयों के दौरान कुल 23 गोवंश को तस्करों की क्रूरता से मुक्त कराया गया, जिन्हें वध के लिए झारखंड के बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ ‘छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम’ और ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पहला मामला: जंगल के रास्ते पैदल ले जाए जा रहे थे 12 बैल, 6 आरोपी गिरफ्तार
थाना पस्ता में दर्ज अपराध क्रमांक 22/2026 के अनुसार, 31 मई 2026 की देर रात प्रार्थी अंबिकेश यादव (निवासी ग्राम पस्ता) को मोबाइल के जरिए सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति सेमरसोत जंगल के रास्ते पैदल ही 12 बैलों को क्रूरतापूर्वक हांककर वध के लिए झारखंड स्थित बूचड़खाने ले जा रहे हैं।
इस सूचना पर प्रार्थी ने गौरक्षकों के साथ मिलकर तत्काल सेमरसोत जंगल में घेराबंदी की। वहां उन्होंने देखा कि 6 व्यक्ति लाठी-डंडों से बेरहमी से मारते-पीटते और दौड़ाते हुए 12 बैलों को ले जा रहे थे। गौरक्षकों और ग्रामीणों ने उन्हें रोककर पूछताछ की, तो आरोपियों ने बताया कि वे इन बैलों को सूरजपुर की ओर से ला रहे थे और झारखंड के बूचड़खाने में वध के लिए ले जा रहे थे।
प्रार्थी की रिपोर्ट पर पस्ता पुलिस ने छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)घ के तहत मामला पंजीकृत किया। विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के समक्ष सभी 12 बैलों को जब्त कर उनका पशु चिकित्साधिकारी से स्वास्थ्य परीक्षण कराया। अपराध के पुख्ता सबूत मिलने पर 1 जून 2026 को सभी 6 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
रतिया पिता सोमा (निवासी महाराजगंज चौकी गणेशमोड़, बलरामपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
घासी कोडाकू पिता बिफता कोडाकू (निवासी महाराजगंज चौकी गणेशमोड़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
मंटू राम पिता राजकुमार (निवासी भेदमी चौकी गणेशमोड़, बलरामपुर, जिला बलरामपुर)
विकेश सोनवानी पिता कोंडा सोनवानी (निवासी ग्राम महाराजगंज चौकी गणेशमोड़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
समहरता पिता चउआ (उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम इंदरीकला थाना चांदो, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
अंजोर पल्हे पिता रामसकल पल्हे (निवासी ग्राम महाराजगंज चौकी गणेशमोड़, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
दूसरा मामला: पिकअप वाहन में ठूंस-ठूंस कर भरे थे 11 मवेशी, बिहार के तस्करों सहित 4 गिरफ्तार
इसी तरह, थाना पस्ता के अंतर्गत एक अन्य कार्रवाई में अपराध क्रमांक 23/2026 दर्ज किया गया। 31 मई 2026 की रात प्रार्थी सूरज यादव (निवासी ग्राम पाढी, थाना पस्ता) को फोन पर सूचना मिली कि राजपुर की ओर से एक पिकअप वाहन (क्रमांक BR 03 GA 9340) में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर वध के लिए बूचड़खाने ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए मंडी बैरियर के पास नाकाबंदी की गई। कुछ ही समय बाद राजपुर की ओर से तेज रफ्तार में आ रही संदिग्ध पिकअप को रोककर जब उसकी तलाशी ली गई, तो वाहन का डाला पीछे से लकड़ी से पूरी तरह बंद था। डाला खोलने पर पुलिस और ग्रामीणों के होश उड़ गए; गाड़ी के भीतर 11 रास पड़िया (भैंस वंशीय/गोवंश के बच्चे) क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे।
पिकअप में बैठे चारों आरोपियों से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे इन पशुओं को सेवारी थाना राजपुर की तरफ से लेकर झारखंड के बूचड़खाने में वध करने हेतु जा रहे थे। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर तत्काल छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)घ के तहत मामला दर्ज किया। तस्करों के कब्जे से वाहन और सभी 11 मवेशियों को विधिवत जब्त किया गया। 1 जून 2026 को चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध सिद्ध पाए जाने पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
रंगनाथ सिंह पिता रामाशंकर सिंह (उम्र 23 वर्ष, निवासी ग्राम अकोडी, थाना रामगढ़, जिला कैमूर, बिहार)
रमेश यादव पिता सुरेश यादव (निवासी ग्राम सेवारी, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज)
जवाहीर यादव पिता फूटारी यादव (निवासी ग्राम सातोअवती, थाना उन्नाव, जिला भभुआ, बिहार)
लालजी यादव पिता पारस यादव (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम तियारा, थाना राजपुर, जिला बक्सर, बिहार)
बलरामपुर: पस्ता पुलिस की बड़ी कार्रवाई, मवेशी तस्करी के दो मामलों में 10 आरोपी गिरफ्तार; 23 गोवंश क्रूरता से मुक्त
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