बलरामपुर में पुलिस कप्तान वैभव बैंकर की बड़ी बैठक: लंबित मामलों और नशा तस्करों पर कड़े एक्शन के निर्देश, साइबर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

Deshkibaat24
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बलरामपुर : जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, लंबित अपराधों के त्वरित निराकरण और नए दौर के साइबर व संगठित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर की अध्यक्षता में एक हाई-प्रोफाइल अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों (GOs), थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों की उपस्थिति में जिले की सुरक्षा व्यवस्था और बेसिक पुलिसिंग का बारीकी से ऑडिट किया गया।
बैठक के दौरान वैभव बैंकर ने स्पष्ट किया कि पुलिस का प्राथमिक ध्येय आम जनता को त्वरित न्याय देना और अपराधियों में खौफ पैदा करना है। उन्होंने थानों में लंबे समय से लंबित मामलों पर कड़ी नाराजगी जताते हुए थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय की।
🛑 एक साल से लंबित मामलों पर अल्टीमेटम और चिटफंड पर कड़ा रुख
समीक्षा बैठक में सबसे ज्यादा जोर पुराने और लंबित मामलों के निराकरण पर रहा। वैभव बैंकर ने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित गंभीर अपराधों, विशेषकर धोखाधड़ी और चिटफंड के मामलों की फाइलें दोबारा खुलवाईं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन मामलों में प्रभावी कदम उठाकर जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके और उनकी डूबी हुई रकम की रिकवरी की जा सके। इसके साथ ही पीड़ित मुआवजा योजनाओं के लंबित प्रकरणों को भी जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।
📱 म्यूल अकाउंट और फेक APK: साइबर अपराध के नए ट्रेंड्स पर पुलिस होगी हाईटेक
बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए बैठक में साइबर सुरक्षा पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई। पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध के नए तरीकों जैसे—म्यूल अकाउंट (किराए के बैंक खाते), पॉइंट ऑफ सेल इन्वेस्टीगेशन, सोशल इंजीनियरिंग, फेक APK और ओटीपी फ्रॉड पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को इन तकनीकों से निपटने के लिए आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने आईटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच में तेजी लाने और आम जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही।
🚭 नशा तस्करों की खैर नहीं: फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन और वाहन होंगे राजसात
एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) अधिनियम की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक करने के निर्देश दिए। अब पुलिस केवल नशा पकड़ने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि:
नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को राजसात (जब्त) किया जाएगा।
नशा माफियाओं की फाइनेंशियल इन्वेस्टीगेशन (आर्थिक जांच) की जाएगी।
ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज (नशा कहाँ से आ रहा है और किसे बेचा जा रहा है) का पता लगाकर पूरे रैकेट को ध्वस्त किया जाएगा।
👩 महिला सुरक्षा और ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को प्राथमिकता
महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिला संबंधी शिकायतों को थानों में सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामलों की जांच वैज्ञानिक तरीकों से और तय समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, गुमशुदा बच्चों और व्यक्तियों की तलाश के लिए ‘ऑपरेशन मुस्कान’ को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाने को कहा गया ताकि बिछड़े हुए बच्चों को उनके परिवारों से दोबारा मिलाया जा सके।
🚨 सड़क पर लापरवाही पड़ेगी भारी, अपराधियों पर लगेगा ‘निवारक निरोध’
यातायात व्यवस्था को सुधारने और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए पुलिस अब सख्त रवैया अपनाएगी। बैठक में निर्देश दिए गए कि:
शराब पीकर वाहन चलाना, बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के चलना।
ट्रिपल राइडिंग, नाबालिगों द्वारा वाहन चलाना और ओवरलोडिंग/ओवरस्पीडिंग।
इन सभी मामलों में सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदतन और संदिग्ध अपराधियों के खिलाफ निवारक निरोध (Preventive Detention) जैसी प्रतिबंधात्मक कार्रवाइयों का उपयोग करने पर बल दिया गया।
💬 “जनता की सेवा ही पुलिस का सर्वोच्च कर्तव्य” — वैभव बैंकर
बैठक के समापन पर पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने उपस्थित सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा के साथ काम करने की शपथ दिलाई। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा:
“अनुशासन, ईमानदारी और कड़ी मेहनत ही पुलिसिंग की रीढ़ हैं। जनता की शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालने वाले अधिकारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवेदनशील पुलिसिंग के जरिए आम नागरिकों का भरोसा जीतना हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”
👥 बैठक में यह आला अधिकारी रहे मौजूद
जिले की इस महत्वपूर्ण अपराध समीक्षा बैठक में पुलिस प्रबंधन के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
विश्व दीपक त्रिपाठी (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बलरामपुर)
रामावतार ध्रुव (एसडीओपी, वाड्रफनगर)
आशीष कुंजाम (एसडीओपी, कुसमी)
बाजीलाल सिंह (एसडीओपी, रामानुजगंज)
प्रमोद किस्पोट्टा (डीएसपी, हेड क्वार्टर)
इनके अलावा जिले के सभी थानों और चौकियों के प्रभारी, रक्षित निरीक्षक तथा पुलिस अधीक्षक कार्यालय बलरामपुर के प्रशासनिक स्टाफ ने भी बैठक में हिस्सा लिया और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

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