सूरजपुर : स्वास्थ्य सचिव के निर्देश और जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन के आदेश पर सूरजपुर जिले में खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा अभियान छेड़ दिया गया है। विशेष टीम द्वारा की जा रही इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और व्यापारियों के वैध पंजीयन की जाँच करना है।
पहले दिन: चौपाटी और अग्रसेन चौक पर दबिश
अभियान के पहले दिन निरीक्षण टीम ने जिला मुख्यालय स्थित पुराने बस स्टैंड की चौपाटी और अग्रसेन चौक की दुकानों का सघन मुआयना किया। इस दौरान टीम ने पाया कि कई दुकानें बिना किसी वैध पंजीयन के संचालित हो रही थीं, जिन्हें तत्काल नोटिस जारी किया गया।
इस कार्यवाही के दौरान टीम में अभिहित अधिकारी पुष्पा राज चौहान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी रामप्रकाश जायसवाल और पुलिस विभाग के सदस्य शामिल रहे। अधिकारियों ने दुकानदारों को कड़े निर्देश दिए कि बिना मानक प्रक्रियाओं के पालन के व्यवसाय न करें।
दूसरे दिन: बिश्रामपुर में डेयरी उत्पादों की जाँच
अभियान के दूसरे दिन, 28 अप्रैल को टीम बिश्रामपुर क्षेत्र पहुँची। यहाँ दुग्ध और डेयरी उत्पादों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर विशेष ध्यान दिया गया। टीम ने मानकता की जाँच के लिए पनीर के नमूने एकत्र किए, जिन्हें लैब परीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
बाहरी राज्यों से आने वाली बसों की निगरानी: प्रशासन ने न केवल स्थानीय दुकानों बल्कि परिवहन व्यवस्था पर भी नजर रखी। रायपुर, बिलासपुर और उत्तर प्रदेश से आने वाली बसों को रोककर उनकी जाँच की गई, ताकि बाहर से जिले में आने वाले दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साफ-सफाई और शुद्धता के मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमी पाए जाने पर संबंधित व्यवसायियों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
“यह अभियान आम जनता को शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।”
सूरजपुर में खाद्य सुरक्षा अभियान का आगाज: बिना पंजीयन चल रही दुकानों को नोटिस, पनीर के नमूने लिए गए
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