कल्याण ज्वेलर्स की ‘धनलक्ष्मी स्कीम’ के नाम पर लाखों की ठगी, रायपुर से मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Deshkibaat24
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अम्बिकापुर : सरगुजा जिले में निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले जालसाजों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। गांधीनगर थाना पुलिस ने रायपुर में दबिश देकर एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने कल्याण ज्वेलर्स की फर्जी स्कीम का झांसा देकर एक व्यक्ति से 5 लाख 72 हजार रुपये की ठगी की थी। डीआईजी और एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के कड़े निर्देशों के बाद पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रार्थी अविनाश कुमार (निवासी कल्याणपुर सड़कपारा, सूरजपुर) ने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह जुलाई 2025 में बनारस रोड स्थित कल्याण ज्वेलर्स के शोरूम में स्वर्ण स्कीम की जानकारी लेने गया था। वहां उसे शोरूम का कर्मचारी राजेश कुमार तिवारी मिला। राजेश ने उसे ‘कल्याण धनलक्ष्मी स्कीम’ के बारे में बताते हुए दावा किया कि इसमें जमा की गई राशि पर तत्कालीन सोने के मूल्य के अनुसार लाभ मिलेगा।
राजेश कुमार तिवारी के झांसे में आकर अविनाश ने 5 हजार रुपये मासिक निवेश करना शुरू कर दिया। इस दौरान राजेश और उसके साथियों ने विश्वास जीतने के लिए अविनाश से 30 हजार रुपये एक क्यूआर कोड (QR Code) पर जमा करवाए और 10 दिन के भीतर ही उसे 40 हजार रुपये वापस कर दिए। इस मुनाफे के लालच में आकर अविनाश ने आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 7 लाख 59 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
ऐसे खुला धोखाधड़ी का खेल
जब अविनाश ने अपने निवेश की मैच्योरिटी और हिसाब मांगा, तो आरोपियों ने केवल 1 लाख 87 हजार रुपये ही वापस किए। बाकी के 5 लाख 72 हजार रुपये के लिए जब अविनाश शोरूम पहुंचा, तो वहां राजेश कुमार तिवारी के मौजूद न होने की बात कहकर टाल-मटोल की जाने लगी। ठगी का अहसास होने पर अविनाश ने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 197/26 धारा 318(4) बी.एन.एस. के तहत केस दर्ज किया।
रायपुर से पकड़ा गया आरोपी
विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और व्हाट्सएप चैट के रिकॉर्ड खंगाले, जिससे राजेश कुमार तिवारी के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले। पुलिस की एक विशेष टीम ने रायपुर में घेराबंदी कर आरोपी राजेश कुमार तिवारी (पिता: लक्षमन तिवारी, उम्र 28 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने ठगी की बात स्वीकार कर ली है।
पुलिस की बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया वन प्लस (OnePlus) कंपनी का मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किया है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि इस गिरोह में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं जो फिलहाल फरार हैं। पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है और दावा है कि जल्द ही वे भी सलाखों के पीछे होंगे।
इनकी रही मुख्य भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी, आरक्षक अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, घनश्याम देवांगन और मोतीलाल केरकेट्टा की सक्रिय भूमिका रही।

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