सीएमएचओ का कड़ा रुख: मेडिकल कॉलेज निर्माण में तेजी और अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश

Deshkibaat24
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मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर :जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने और आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) अविनाश खरे ने आज निर्माणाधीन नवीन मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और मरीजों की सेवा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज: समय-सीमा और गुणवत्ता पर जोर
निरीक्षण की शुरुआत नवीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण स्थल से हुई। अविनाश खरे ने निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों से अब तक हुए कार्यों का हिसाब लिया।
गति बढ़ाने के निर्देश: उन्होंने निर्माण एजेंसी को मैनपावर बढ़ाकर कार्य की गति तेज करने को कहा ताकि निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रोजेक्ट पूरा हो सके।
तकनीकी मानक: निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि सामग्री और स्ट्रक्चर के मानकों में कोई समझौता न हो।
भविष्य की रूपरेखा: उन्होंने कॉलेज परिसर में भविष्य में शुरू होने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के सुचारू संचालन हेतु आवश्यक सुझाव भी साझा किए।
सिविल अस्पताल में औचक निरीक्षण: मरीजों से सीधा संवाद
मेडिकल कॉलेज का जायजा लेने के बाद सीएमएचओ सीधे सिविल अस्पताल, मनेंद्रगढ़ पहुंचे। उनके अचानक पहुंचने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप की स्थिति रही। उन्होंने ओपीडी, वार्डों, लेबर रूम और दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया।
निरीक्षण की मुख्य बातें:
मरीजों का फीडबैक: उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें समय पर भोजन, दवाइयां और डॉक्टर उपलब्ध हो रहे हैं या नहीं।
साफ-सफाई: अस्पताल परिसर और शौचालयों में गंदगी देख उन्होंने नाराजगी जाहिर की और तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
स्टाफ की उपस्थिति: उन्होंने हाजिरी रजिस्टर की जांच की और स्पष्ट किया कि ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
“लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई”
अस्पताल प्रबंधन के साथ बैठक करते हुए अविनाश खरे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का मुख्य उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य लाभ पहुँचाना है। उन्होंने निर्देशित किया कि आपातकालीन सेवाओं में कोई देरी नहीं होनी चाहिए और आवश्यक दवाओं का स्टॉक हमेशा पर्याप्त मात्रा में बना रहे। उन्होंने कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करने की हिदायत दी।
“स्वास्थ्य सेवा एक मिशन है। यदि कोई कर्मचारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।”
— अविनाश खरे, सीएमएचओ
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान अस्पताल अधीक्षक स्वप्निल तिवारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, विकास खंड कार्यक्रम प्रबंधक, एसडीओ सीजीएमएससी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और अस्पताल स्टाफ उपस्थित रहा।

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