मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर :जिले में रेत खदानों के आवंटन और संचालन को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा बदलाव किया है। अब जिले की रेत खदानों की नीलामी पारंपरिक प्रक्रिया के बजाय ई-ऑक्शन (इलेक्ट्रॉनिक नीलामी) के जरिए की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा पर जोर
छत्तीसगढ़ गौण खनिज (साधारण रेत) उत्खनन एवं व्यवसाय नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य रेत उत्खनन के क्षेत्र में एकाधिकार को समाप्त करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना है। डिजिटल माध्यम से होने वाली इस नीलामी में मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम होगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
नीलामी का विवरण और समय-सारणी
प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इच्छुक आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी निम्नलिखित है:
दिनांक: 27 अप्रैल 2026
समय: प्रातः 10:00 बजे से प्रक्रिया प्रारंभ होगी।
स्थान: ऑनलाइन माध्यम (कलेक्टर कार्यालय की खनिज शाखा द्वारा संचालित)।
प्रक्रिया: पात्र आवेदक पोर्टल पर लॉगिन करके अपनी बोलियां लगा सकेंगे।
अवैध उत्खनन पर लगेगा अंकुश
प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि ई-ऑक्शन प्रणाली लागू होने से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी। जब खदानों का आवंटन पूरी तरह से नियमानुसार और व्यवस्थित होगा, तो खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
“ई-ऑक्शन से न केवल शासन के राजस्व में भारी वृद्धि होगी, बल्कि यह स्थानीय स्तर पर खनिज संसाधनों के दोहन को एक कानूनी और सुरक्षित ढांचा प्रदान करेगा।” — खनिज शाखा, एमसीबी
राजस्व में बढ़ोत्तरी की उम्मीद
वर्तमान में रेत की बढ़ती मांग को देखते हुए ई-ऑक्शन के माध्यम से शासन को प्राप्त होने वाले रॉयल्टी और राजस्व में बड़े इजाफे की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी इच्छुक ठेकेदारों और आवेदकों से अपील की है कि वे अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज पूर्ण कर लें।
मुख्य आकर्षण:
विशेषता विवरण
नियम छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2025
माध्यम पूर्णतः ऑनलाइन (ई-ऑक्शन)
लक्ष्य पारदर्शिता, राजस्व वृद्धि और अवैध खनन पर रोक
आवेदन निर्धारित समय-सीमा में ऑनलाइन पोर्टल पर अनिवार्य

