सूरजपुर मोहिबुल हसन (लोलो) आज के दौर में जहाँ लोग अपना जन्मदिन आलीशान होटलों और निजी पार्टियों में मनाना पसंद करते हैं, वहीं सूरजपुर के एक समाजसेवी ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद के जिला अध्यक्ष जनाब अब्दुल रब सिद्दीकी ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर व्यक्तिगत जश्न को त्याग कर जन-सेवा का संकल्प लिया।
थाना चौक पर उमड़ा जनसैलाब
रविवार को सूरजपुर के व्यस्ततम थाना चौक पर एक अलग ही नजारा देखने को मिला। जिला अध्यक्ष सिद्दीकी जी ने यहाँ सब्जी विक्रेताओं, मेहनतकश मजदूरों और आम राहगीरों के लिए ‘आम लंगर’ का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने स्वयं उपस्थित रहकर लोगों को अपने हाथों से खीर का प्रसाद वितरित किया।
400 से अधिक लोगों ने ग्रहण किया प्रसाद
भीषण गर्मी और व्यस्त दिनचर्या के बीच, इस मधुर लंगर ने राहगीरों को राहत पहुँचाई। कार्यक्रम में लगभग 400 से अधिक नागरिकों ने शिरकत की। स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने सिद्दीकी जी की इस सादगी और सेवा भाव की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और उन्हें दीर्घायु होने का आशीर्वाद दिया।
संवेदनशीलता और संदेश
इस अवसर पर जनाब अब्दुल रब सिद्दीकी ने कहा कि, “समाज के अंतिम व्यक्ति की मुस्कान में ही असली खुशी छिपी है। मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव है और हमें अपनी खुशियों में उन लोगों को जरूर शामिल करना चाहिए जो दिन-रात समाज की सेवा में पसीना बहाते हैं।”
संगठन ने जताया गर्व
अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार परिषद के समस्त पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सिद्दीकी जी के इस कदम की सराहना की है। परिषद के सदस्यों का कहना है कि अध्यक्ष जी के इस नेक कार्य ने न केवल संगठन का मान बढ़ाया है, बल्कि समाज के प्रति उनकी गहरी संवेदनशीलता को भी रेखांकित किया है।

