पटना (कोरिया): कोरिया जिले के थाना पटना अंतर्गत ग्राम कटकोना में हुई बसंत लाल की संदिग्ध मौत की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। जिसे परिजन आत्महत्या बताने की कोशिश कर रहे थे, वह दरअसल एक सोची-समझी हत्या निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और बेटे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीती 25 फरवरी 2026 को कटकोना स्थित कलारी में कार्यरत बसंत लाल का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना मिलने पर पुलिस अधीक्षक रवि कुर्रे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुरेशा चौबे और एसडीओपी राजेश साहू के मार्गदर्शन में थाना पटना पुलिस ने मामले की बारीकी से जांच शुरू की।
जांच में खुला राज
शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटना स्थल के सूक्ष्म निरीक्षण ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। जांच के दौरान पता चला कि बसंत लाल शराब पीने का आदी था और अक्सर काम पर नहीं जाता था। घर में आर्थिक तंगी और आए दिन होने वाले विवादों से तंग आकर उसकी पत्नी शालू और बेटे विजेंद्र ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
हत्या को आत्महत्या दिखाने की कोशिश
पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान शालू और विजेंद्र ने मिलकर बसंत लाल पर लकड़ी से ताबड़तोड़ वार किए। गले और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट लगने के कारण बसंत लाल की मौके पर ही मौत हो गई। साक्ष्य छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों ने शव को फांसी के फंदे पर लटका दिया ताकि यह पूरी घटना एक आत्महत्या प्रतीत हो।
आरोपी पहुंचे जेल
थाना प्रभारी प्रमोद पांडे और सहायक उप निरीक्षक राजवाड़े की टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। 23 मार्च 2026 को पुलिस ने दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पारिवारिक कलह ने ली जान: पत्नी और बेटे ने मिलकर की थी बसंत लाल की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा
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