मोहिबुल हसन (लोलो )रामचंद्रपुर (बलरामपुर): ग्रामीण अंचल की प्रतिभाएं संसाधनों के अभाव में भी अपनी मेहनत से इतिहास रच सकती हैं, इसे बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर (उत्तरी क्षेत्र) के रहने वाले प्रत्यूष गुप्ता ने साबित कर दिखाया है। जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) की प्रवेश परीक्षा में प्रत्यूष ने 99% अंक हासिल कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है और अपने माता-पिता व क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
कोचिंग और मेहनत का संगम
प्रत्यूष के पिता कृष्णा गुप्ता एक साधारण परिवार से हैं, लेकिन बेटे की शिक्षा के प्रति उनका समर्पण अटूट रहा। प्रत्यूष ने गांव में ही रहकर शिक्षक मनउवर अंसारी के कोचिंग सेंटर में शिक्षा प्राप्त की। शिक्षक मनउवर अंसारी के सही मार्गदर्शन और प्रत्यूष की दिन-रात की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि आज उनका चयन नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है।
ग्रामीण शिक्षा की नई मिसाल
अक्सर लोगों का मानना होता है कि अच्छी शिक्षा केवल महंगे निजी स्कूलों या बड़े शहरों में ही संभव है, लेकिन प्रत्यूष की सफलता ने इस सोच को बदल दिया है। उन्होंने एक शासकीय विद्यालय में पढ़ाई की और स्थानीय कोचिंग के माध्यम से यह मुकाम हासिल किया। यह उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के कारण पीछे हट जाते हैं।
प्रेरणा का केंद्र बना रामचंद्रपुर
रामचंद्रपुर क्षेत्र से यह पहली सफलता नहीं है। इसी मिट्टी से निकले मोहम्मद कैफ अंसारी वर्तमान में बिलासपुर में एमबीबीएस (MBBS) अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहे हैं। इन सफलताओं के पीछे माता-पिता के त्याग और छात्रों की अटूट लगन को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
प्रत्यूष की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरे रामचंद्रपुर और उत्तरी क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर की है और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
ग्रामीण प्रतिभा का कमाल: रामचंद्रपुर के प्रत्यूष गुप्ता ने नवोदय प्रवेश परीक्षा में 99% लाकर लहराया परचम
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