शंकरगढ़ (बलरामपुर)। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत हरिगवां में प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा में बड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इन पर प्रधानमंत्री आवास और मनरेगा की राशि में करीब 10 लाख 5 हजार 881 रुपये के गबन का आरोप है।
फर्जी जियो टैगिंग से किया खेल
जनपद पंचायत सीईओ वेदप्रकाश पांडे की रिपोर्ट के अनुसार, पंचायत सचिव जान कुमार टोप्पो और रोजगार सहायक संजय दास ने मिलीभगत कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने उन आवासों की भी फर्जी ‘जियो टैगिंग’ (Physical Verification) कर दी, जिनका काम जमीन पर शुरू तक नहीं हुआ था। पोर्टल पर आवासों को “पूर्ण” दिखाकर हितग्राहियों के खातों में राशि डलवाई गई और फिर उनके अंगूठे लगवाकर पैसे निकाल लिए गए।
मनरेगा में भी फर्जीवाड़ा
सिर्फ आवास ही नहीं, बल्कि मनरेगा (MNREGA) के तहत भी फर्जी मास्टर रोल जारी कर मजदूरी की राशि अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार:
प्रधानमंत्री आवास योजना (7 हितग्राही): 9,05,000 रुपये का गबन।
मनरेगा मजदूरी: 1,00,881 रुपये की धोखाधड़ी।
कुल राशि: 10,05,881 रुपये।
इन हितग्राहियों के नाम पर हुई धोखाधड़ी
जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए:
विस्टा पैकरा (उर्फ विस्ता): एक ही व्यक्ति को दो अलग-अलग नामों से पात्र दिखाकर 2,40,000 रुपये आवास राशि और 33,894 रुपये मनरेगा मजदूरी निकाल ली गई, जबकि घर बना ही नहीं था।
शांति (पति मुन्ना): मुन्ना के नाम पहले ही आवास स्वीकृत था, इसके बावजूद शांति के नाम पर 1,20,000 रुपये जारी करा लिए गए।
मुन्नी (पति मंगरू): पति का आवास प्रगति पर था, लेकिन पत्नी मुन्नी के नाम पर फर्जी तरीके से 1,20,000 रुपये और मनरेगा से 20,358 रुपये का भुगतान कराया गया।
निशांत कुमार एक्का: आवास शुरू नहीं हुआ था, लेकिन 95,000 रुपये की राशि जारी हुई, जिसमें से 40,000 रुपये रोजगार सहायक ने ओटीपी के जरिए अपने खाते में ले लिए।
पांडुल कुजूर: इनसे 5 बार अंगूठा लगवाकर 50,000 रुपये की वसूली की गई।
पुलिस की कार्यवाही
शंकरगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(2,4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है।
गिरफ्तार आरोपी:
जान टोप्पो (39 वर्ष), पंचायत सचिव।
संजय दास (40 वर्ष), ग्राम रोजगार सहायक।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। इस कार्यवाही से जनपद के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
भ्रष्टाचार पर बड़ी स्ट्राइक: बलरामपुर में 10 लाख के आवास घोटाले में सचिव और रोजगार सहायक गिरफ्तार
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