सूरजपुर: जानलेवा हमले के मामले में फरार 5 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट से उद्घोषणा जारी, 10 अगस्त तक सरेंडर का अल्टीमेटम

Deshkibaat24
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सूरजपुर :  जिले से एक बड़ी कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। स्थानीय चौकी बसदेई क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम जूर में हुए एक जानलेवा हमले (हत्या के प्रयास) के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे पांच आरोपियों के खिलाफ न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) सूरजपुर के न्यायालय द्वारा इन सभी आरोपियों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 84 के तहत औपचारिक उद्घोषणा जारी की गई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की आखिरी मोहलत भी दे दी है।
जमीनी विवाद में हुआ था खूनी संघर्ष
मामले की पृष्ठभूमि में एक पुराना जमीनी विवाद है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह पूरी घटना 14 अप्रैल 2026 की है। ग्राम जूर की रहने वाली हसीना बीबी ने चौकी बसदेई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका मो० अयूब के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
घटना के दिन जब हसीना बीबी अपनी सास, ससुर और बहू के साथ खेत में काम कर रही थीं, तभी आरोपी पक्ष के लोग लाठी और डंडों से लैस होकर वहां पहुंचे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए खेत खाली करने की धमकी दी और कहा कि अगर वे वहां से नहीं हटे तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। विवाद की आवाज सुनकर जब हसीना बीबी के पति यासीन हफीजी बीच-बचाव करने मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में यासीन हफीजी के सिर पर गंभीर और जानलेवा चोटें आईं। डॉक्टरों के मुताबिक, यह चोट इतनी गंभीर थी कि इससे उनकी जान भी जा सकती थी।
इन धाराओं के तहत दर्ज है आपराधिक मामला
पीड़ित पक्ष की शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर चौकी बसदेई पुलिस ने अपराध क्रमांक 244/2026 दर्ज किया था। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है:
धारा 296(बी): (अश्लील कृत्य और गाली-गलौज)
धारा 351(3): (गंभीर रूप से आपराधिक धमकी देना)
धारा 115(2): (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना)
धारा 191(1) व 191(2): (दंगा और बलवा करना)
धारा 109: (हत्या का प्रयास)
गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार हैं आरोपी
दर्ज मामले के बाद जब बसदेई पुलिस ने मामले की विवेचना (जांच) शुरू की, तो सभी आरोपी अपने घरों से फरार पाए गए। पुलिस ने उनकी तलाश में कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन उनका सुराग नहीं मिला। इसके बाद अदालत द्वारा जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट की तामीली भी नहीं हो सकी। पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, सभी आरोपी जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बचने के लिए छिपे हुए हैं।
इन 5 फरार आरोपियों के खिलाफ जारी हुआ नोटिस
आरोपियों के लगातार गैर-हाजिर रहने के कारण अब मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने कड़ा कदम उठाते हुए बीएनएसएस की धारा 84 के तहत सार्वजनिक उद्घोषणा जारी की है। जिन पांच आरोपियों को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हुई है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
मोहम्मद अयुब अंसारी (पिता: कवैस करनी)
अख्तर रजा (पिता: मो० अयुब अंसारी)
उमर रजा (पिता: मो० अयुब अंसारी)
असलम अंसारी (पिता: अनवर हुसैन)
सफ़िरन निशा (पति: मो० अयुब अंसारी)
(ये सभी आरोपी ग्राम जूर, चौकी बसदेई के निवासी हैं)
10 अगस्त तक का समय, नहीं तो होगी कुर्की की कार्रवाई
माननीय न्यायालय ने इन सभी आरोपियों को 10 अगस्त 2026 या उससे पहले अदालत के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का अंतिम निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ये आरोपी कोर्ट में पेश नहीं होते हैं, तो कानून के तहत उनके खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी संपत्ति की कुर्की (Attachment of Property) भी शामिल हो सकती है।
गांव में ढोल बजाकर पुलिस ने दी मुनादी
अदालती आदेश के बाद चौकी बसदेई पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस की एक टीम ने ग्राम जूर पहुंचकर फरार आरोपियों के घरों के सामने इस कानूनी उद्घोषणा पत्र को चस्पा (चिपका) दिया है। इसके साथ ही, आरोपियों के परिजनों और पूरे गांव वालों के सामने इस आदेश को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया गया है ताकि किसी भी स्तर पर अज्ञानता का बहाना न रहे। पुलिस का कहना है कि अगर तय तारीख तक आरोपी सरेंडर नहीं करते हैं, तो कानून का शिकंजा और कस दिया जाएगा।

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