डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने खड़गवां पंचायत भवन पहुंचकर लिया जमीनी हकीकत का जायजा, महिला सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के दिए कड़े निर्देश

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में जमीनी स्तर की कानून व्यवस्था और बुनियादी पुलिसिंग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की गई है। जिले में बीट पुलिसिंग व्यवस्था को सीधे तौर पर आम जनता से जोड़ने और सुरक्षा का वातावरण निर्मित करने के लिए सभी प्रमुख स्थानों, ग्रामों और पंचायत भवनों में थाना-चौकी तथा बीट प्रभारियों के नाम सहित उनके मोबाइल नंबरों की जानकारी वाले पोस्टर चश्पा करा दिए गए हैं। इस नवाचार का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम नागरिकों के बीच की दूरी को समाप्त करना है।
इस व्यापक अभियान की रूपरेखा पिछले दिनों तैयार की गई थी, जब 27 जून 2026 को डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने एक उच्च स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया था। इस कार्यशाला में जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों और बीट प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि वे बुनियादी पुलिसिंग को मजबूत करें। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया था कि जनता में सुरक्षा की भावना को हर हाल में बढ़ाया जाए और थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायतों को नम्रतापूर्वक सुनते हुए उनके साथ पेशेवर व गरिमापूर्ण व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। इसी बैठक में जनता की सहूलियत के लिए प्रभारियों के नंबर सार्वजनिक करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया था।
डीआईजी और एसएसपी के इन कड़े निर्देशों का असर जिले के सभी थाना क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। जिले के कुल 22 थाना-चौकी क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले 72 बीट के 558 ग्रामों में थाना-चौकी प्रभारियों द्वारा त्वरित रूप से निर्देशों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। प्रत्येक गांव के शासकीय भवनों और विशेष रूप से पंचायत कार्यालयों के बाहर दीवार पर पोस्टर लगाकर पुलिस अधिकारियों के नंबर प्रदर्शित कर दिए गए हैं, जिससे अब ग्रामीणों को किसी भी आपात स्थिति में पुलिस का सहयोग लेने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने स्वयं संभाली कमान
अभियान के क्रियान्वयन का जमीनी जायजा लेने के लिए शुक्रवार, 03 जुलाई 2026 को डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर स्वयं अचानक खड़गवां के पंचायत भवन पहुंचे। वहां उन्होंने निरीक्षण के दौरान पाया कि पंचायत भवन की मुख्य दीवार पर पहले से ही संबंधित चौकी प्रभारी, बीट प्रभारी और क्षेत्र के आरक्षकों के नाम व उनके चालू मोबाइल नंबरों की जानकारी का पोस्टर चश्पा किया जा चुका था। उन्होंने अधिकारियों के इस त्वरित रिस्पॉन्स की सराहना की और इस व्यवस्था को निरंतर अपडेट रखने को कहा।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित मातहत अधिकारियों और ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की इस अनूठी मुहिम से अब आम जनता पुलिस तक आसानी से अपनी पहुंच बना सकेगी। ग्रामीण बिना किसी डर या संकोच के अपनी व्यक्तिगत या सामुदायिक समस्याओं को सीधे जिम्मेदार अधिकारी को बताकर उसका त्वरित निराकरण करा सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस व्यवस्था से क्षेत्र में होने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों की सटीक और गुप्त जानकारी समय पर पुलिस को मिल सकेगी, जिससे अपराधों पर बेहद प्रभावी ढंग से अंकुश लगाया जा सकेगा।
नये दिशा-निर्देशों के तहत अब बीट आरक्षकों को अपने निर्धारित क्षेत्रों में नियमित रूप से भ्रमण करने और आम नागरिकों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस नई रणनीति में महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रखा गया है। इसके साथ ही, पुलिस की टीमें स्थानीय स्कूल-कॉलेजों में जाकर छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के उपाय, यातायात नियमों की बुनियादी जानकारी और नशे के दुष्प्रभावों से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता शिविरों का आयोजन करेंगी।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी निगरानी बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी बड़ी सफलता मिलेगी। सूरजपुर पुलिस का मुख्य लक्ष्य पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास के रिश्ते को और अधिक गहरा व मजबूत बनाना है, ताकि पूरा जिला सुरक्षित महसूस कर सके।

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