सूरजपुर, 18 मई 2026: छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से एक बड़ी प्रशासनिक और पर्यावरणीय खबर सामने आ रही है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सिविल अपील एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और परिपालन के उद्देश्य से जिला सूरजपुर के अंतर्गत आने वाले समस्त ग्राम पंचायत मुख्यालयों में आगामी 19 मई 2026 को एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
राज्य स्वच्छ भारत मिशन से प्राप्त कड़े निर्देशों के आलोक में और छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील द्वारा जिले की सभी ग्राम पंचायतों के लिए यह विशेष आदेश जारी किया गया है। इस आदेश के तहत निर्धारित तिथि को अनिवार्य रूप से सभी मुख्यालयों पर ग्राम सभा बुलाई जाएगी, जिसमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के गंभीर विषयों पर चर्चा की जाएगी।
सरपंच, पंच और सचिवों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 (2) (क) के तहत सभा में गणपूर्ति (कोरम) का पूरा होना अनिवार्य है। इसके साथ ही, ग्राम सभा के सदस्यों की शत-प्रतिशत उपस्थिति कराने का कड़ा दायित्व संबंधित ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच एवं सचिव को सौंपा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा की पूरी कार्यवाही छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 6 (3) के कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही अनुशासित ढंग से संचालित की जाएगी।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2026 का होगा व्यापक वाचन
इस विशेष ग्राम सभा के आयोजन का मुख्य एजेंडा ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन की दिशा में नीतिगत सुधार करना है। सभा के दौरान उपस्थित ग्रामीणों, प्रबुद्ध नागरिकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समक्ष ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अधिनियम 2026’ का विस्तृत वाचन किया जाएगा। इस वाचन के माध्यम से अधिनियम के तकनीकी पहलुओं, कानूनी प्रावधानों और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के तरीकों के बारे में जन-जन को विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अक्षरसः पालन के अंतर्गत ग्राम स्तर पर स्वच्छता बनाए रखने, अपशिष्ट पदार्थों के सुरक्षित संकलन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाने के लिए विशेष संदेश प्रसारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रामीणों में यह भावना पैदा करना है कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है।
‘स्वच्छ ग्राम-स्वच्छ भारत‘ के संकल्प को मिलेगी नई ताकत
इस विशेष ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में कचरा प्रबंधन की एक वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित व्यवस्था स्थापित करने में मदद मिलेगी। इसके तहत गांवों में कचरे के पृथक्करण (गीला और सूखा कचरा अलग करना) तथा उसके वैज्ञानिक निपटान की प्रक्रियाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने पर बल दिया जाएगा।
यह दूरदर्शी पहल ‘स्वच्छ ग्राम-स्वच्छ भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। कचरे के सही प्रबंधन से न केवल ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा, बल्कि दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण को भी भारी बढ़ावा मिलेगा।