बलरामपुर-रामानुजगंज : जिले के थाना शंकरगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने और बाद में पीड़िता के साथ मारपीट कर घर से निकालने वाले मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब विवेचना के दौरान संलिप्त पाए गए तीन अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्य आरोपी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
दर्ज अपराध और आरोपीगण
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, थाना शंकरगढ़ में अपराध क्रमांक 70/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69, 89, 115(2), 351(2), और 3(5) के तहत मामला पंजीकृत किया गया है।
हाल ही में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
राजकुमार यादव (पिता: बसंत यादव) – निवासी: गोपालपुर, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर।
सविना उर्फ सरिता यादव (पति: राजकुमार यादव) – निवासी: गोपालपुर, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर।
गनेश्वर यादव (पिता: राजकुमार यादव) – निवासी: गोपालपुर, थाना राजपुर, जिला बलरामपुर।
क्या है पूरा मामला? (घटना का संक्षिप्त विवरण)
पीड़िता ने थाना शंकरगढ़ में उपस्थित होकर अपनी शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2025 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम (Instagram) के माध्यम से उसकी मुलाकात कमिल यादव नाम के युवक से हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों के बीच दोस्ती बढ़ी और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्रेम संबंध में बदल गई।
इसके बाद कमिल यादव ने पीड़िता को पसंद करने और उससे शादी करने की बात कही। शादी का झांसा देकर वह पीड़िता से मिलने उसके गांव आया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
घर ले जाकर प्रताड़ना और मारपीट
दिसंबर 2025 में जब कमिल यादव के माता-पिता को इस प्रेम संबंध की जानकारी हुई, तो कमिल के पिता, भाई और अन्य रिश्तेदार पीड़िता के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़िता से कहा, “मेरा लड़का तुमसे शादी करना चाहता है, हमारे साथ चलो।” यह कहकर वे पीड़िता को अपने साथ ले गए।
शुरुआत में सब ठीक रहा, लेकिन मार्च 2026 के बाद कमिल, उसके माता-पिता और भाई का रवैया पूरी तरह बदल गया। वे सभी मिलकर पीड़िता के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने लगे। हद तो तब हो गई जब आरोपियों ने पीड़िता को प्रताड़ित करते हुए घर से बाहर निकाल दिया।
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारियां
पीड़िता की रिपोर्ट पर थाना शंकरगढ़ में तत्काल संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की गई।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी कमिल यादव के विरुद्ध पुख्ता सबूत पाए जाने और उसके द्वारा जुर्म स्वीकार किए जाने पर पुलिस ने उसे 12 जून 2026 को ही गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी: मामले की आगे की जांच और पूछताछ के दौरान घटना में कमिल के परिवार (राजकुमार यादव, सविना उर्फ सरिता यादव, और गनेश्वर यादव) की संलिप्तता और अपराध घटित करना स्वीकार पाए जाने पर, पुलिस ने आज दिनांक 29 जून 2026 को तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया है।