बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के अंतर्गत आने वाले रतनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पेंडरवा में हुए जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस अमानवीय घटना को लेकर सामाजिक संगठन रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने गहरा आक्रोश, दुख और चिंता व्यक्त की है। संगठन ने इस वारदात को क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर एक गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए फाउंडेशन के शीर्ष पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हरसंभव कानूनी व आर्थिक मदद का आश्वासन दिया।
धारदार हथियारों से घर में घुसकर किया गया था हमला
प्राप्त विवरण के अनुसार, यह दर्दनाक और हिंसक घटना 01 अप्रैल 2026 को घटित हुई थी। ग्राम पेंडरवा में अज्ञात व असामाजिक तत्वों ने आपसी रंजिश या अन्य कारणों से एक घर में जबरन प्रवेश किया। हमलावरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने घर के भीतर मौजूद लोगों पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
इस हमले में बुजुर्ग महिला मुराद बी (मुराद बेगम) की मौके पर ही निर्मम हत्या कर दी गई। वहीं, बीच-बचाव करने आए परिवार के कई अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे पेंडरवा गांव और आस-पास के क्षेत्रों में भारी तनाव और दहशत का माहौल निर्मित हो गया था।
पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचा फाउंडेशन का प्रतिनिधिमंडल
घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मुहिम में जुटे रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने 31 मई 2026 को ग्राम पेंडरवा का दौरा किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और घटना की विस्तृत जानकारी ली।
दौरे में शामिल मुख्य पदाधिकारी:
शादाब आलम रज़वी (राष्ट्रीय अध्यक्ष)
डॉ. इक़बाल अंसारी (छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष)
मोहम्मद वसीम (डायरेक्टर)
मोहम्मद असलम (संस्थापक)
शहज़ाद अली शेख (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष)
प्रतिनिधिमंडल ने मुराद बी के परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा संगठन उनके साथ खड़ा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से पीड़ित परिवार को विश्वास दिलाया कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए संगठन हर स्तर पर कानूनी और आर्थिक सहायता मुहैया कराएगा।
एसपी कार्यालय का घेराव और पुलिस की कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि इस हत्याकांड के तुरंत बाद दोषियों की गिरफ्तारी और त्वरित कार्रवाई की मांग को लेकर रज़ा यूनिटी फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव कर उग्र प्रदर्शन किया था।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष वसीम अंसारी, सलाहकार एडवोकेट नसीमुद्दीन अंसारी, अब्दुल खलील अज़हरी, अब्दुल वसीम, एडवोकेट नज़ीम खान और आबिद अली ने किया था। प्रदर्शन में रतनपुर ब्लॉक के मुख्य पदाधिकारी बल्लू खान, सुल्तान खान और बड़ी संख्या में अन्य स्थानीय पदाधिकारी व ग्रामीण शामिल हुए थे।
एसपी कार्यालय के घेराव के दौरान पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई का ठोस भरोसा दिया था। इसके बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए पेंडरवा हत्याकांड के मुख्य चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
‘फास्ट ट्रैक कोर्ट’ में चले मुकदमा: रज़ा यूनिटी फाउंडेशन
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने अपनी मांग को दोहराया है कि इस संवेदनशील मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी सुनवाई त्वरित न्यायालय (Fast Track Court) में की जानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।
फाउंडेशन के जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि जब तक मुराद बी के हत्यारों को उनके किए की अंतिम सजा नहीं मिल जाती, तब तक संगठन चुप नहीं बैठेगा और हर परिस्थिति में पीड़ित परिवार के अधिकारों के लिए संघर्ष करता रहेगा।
बिलासपुर: पेंडरवा हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिला रज़ा यूनिटी फाउंडेशन, निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग
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