बलरामपुर में खरीफ फसलों के बीमा की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 14 अगस्त तक करा सकेंगे पंजीयन

Deshkibaat24
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बलरामपुर : जिले में खरीफ मौसम में किसानों की फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब किसान अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा 14 अगस्त 2026 तक करा सकते हैं। पूर्व में यह समय-सीमा 31 जुलाई निर्धारित की गई थी। जिन किसानों ने अब तक अपनी फसलों का पंजीयन नहीं कराया है, वे इस अतिरिक्त समय का लाभ उठाकर आर्थिक सुरक्षा प्राप्त कर सकते हैं।
अधिसूचित फसलें और निर्धारित प्रीमियम दरें
उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में विभिन्न फसलों को योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है। योजना के तहत किसानों को कुल बीमित राशि का मात्र 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा।
विभिन्न फसलों के लिए प्रति हेक्टेयर निर्धारित प्रीमियम राशि इस प्रकार है:
धान (सिंचित): ₹1,100 प्रति हेक्टेयर
धान (असिंचित): ₹880 प्रति हेक्टेयर
मूंगफली: ₹924 प्रति हेक्टेयर
मक्का: ₹814 प्रति हेक्टेयर
सोयाबीन एवं अरहर: ₹660 प्रति हेक्टेयर (प्रत्येक)
मूंग एवं उड़द: ₹484 प्रति हेक्टेयर (प्रत्येक)
कुटकी: ₹374 प्रति हेक्टेयर
कोदो: ₹352 प्रति हेक्टेयर
रागी: ₹330 प्रति हेक्टेयर
इन स्थितियों में मिलेगा बीमा सुरक्षा का लाभ
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान के विरुद्ध व्यापक सुरक्षा कवर प्रदान किया जाता है:
बुवाई न हो पाना: प्रतिकूल मौसम या आपदा के कारण अधिसूचित क्षेत्र में बुवाई न हो पाने की स्थिति।
फसल क्षति: मौसमी विषमताओं एवं प्राकृतिक आपदाओं के कारण खड़ी फसल को होने वाला नुकसान।
उपज में कमी: फसल कटाई प्रयोग (Crop Cutting Experiments) के आधार पर औसत उपज में आने वाली गिरावट।
कटाई उपरांत नुकसान: फसल कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए रखी गई फसल को 14 दिनों के भीतर ओलावृष्टि, चक्रवात अथवा बेमौसम बारिश से होने वाली क्षति।
आपदा की स्थिति में 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य
यदि किसी किसान की फसल को प्राकृतिक आपदा या कटाई के बाद नुकसान पहुंचता है, तो इसकी सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज कराना अनिवार्य है। किसान निम्नलिखित माध्यमों से अपनी शिकायत या सूचना दर्ज करा सकते हैं:
हेल्पलाइन नंबर: 14447
व्हाट्सएप नंबर: 70655-14447
अन्य माध्यम: निकटतम बैंक शाखा, लोक सेवा केंद्र (CSC), कृषि विभाग, राजस्व विभाग अथवा कृषि रक्षक पोर्टल।
पात्रता एवं आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ ऋणी और अऋणी दोनों प्रकार के किसान उठा सकते हैं।
अऋणी किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज:
पहचान पत्र (आधार कार्ड)
बैंक पासबुक की प्रति (बैंक खाते का आधार से लिंक व प्रमाणीकृत होना अनिवार्य है)
ऋण पुस्तिका (B-1)
बुवाई प्रमाण पत्र या स्वघोषणा पत्र
सक्रिय मोबाइल नंबर
बटाईदार व साझा किसानों के लिए:
बटाईदार, काश्तकार एवं साझेदार किसानों को उपरोक्त दस्तावेजों के साथ फसल साझा या काश्तकार घोषणा पत्र जमा करना होगा।
पंजीयन कराने के प्रमुख केंद्र
किसान अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना अपने निकटतम केंद्रों पर जाकर तुरंत आवेदन कर सकते हैं:
प्राथमिक कृषि साख समिति (लैम्प्स/समिति)
संबंधित बैंक शाखाएँ
लोक सेवा केंद्र (CSC)
एचडीएफसी एर्गो (HDFC ERGO) जनरल इंश्योरेंस कंपनी
AIDE मोबाइल ऐप
कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान भाइयों और बहनों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़-भाड़ से बचने के लिए समय रहते अपनी फसलों का बीमा अवश्य कराएं, ताकि किसी भी संभावित प्राकृतिक आपदा से होने वाले वित्तीय जोखिम से बचा जा सके।

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