बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना क्षेत्र से महिला सुरक्षा और पोक्सो (POCSO) कानून के तहत एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। आरोपी की पहचान नंदू अगरिया (उम्र 23 वर्ष), निवासी जनकपुर, थाना रघुनाथनगर के रूप में हुई है।
परिजनों ने रात भर की तलाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना 27 जून 2026 की देर रात की है। पीड़िता के पिता द्वारा थाना रघुनाथनगर में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के मुताबिक, घटना वाली रात वे और उनकी पत्नी भोजन करने के बाद अपने आवास वाले घर में सो रहे थे। देर रात करीब जब पिता पानी पीने के लिए उठे, तो उन्होंने देखा कि उनकी नाबालिग बेटी अपने बिस्तर पर नहीं थी और घर से गायब थी। इस घटना से घबराए परिजनों ने रात में ही आस-पास के इलाकों और जान-पहचान के लोगों के यहाँ बेटी की खोजबीन शुरू की, लेकिन रात भर उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिला।
सुबह घर लौटी पीड़िता ने सुनाई आपबीती
अगली सुबह यानी 28 जून 2026 को काफी तलाश के बाद नाबालिग बेटी परिजनों को मिली। घर लौटने पर पीड़िता ने रोते हुए परिजनों को अपने साथ हुई आपबीती सुनाई। पीड़िता ने बताया कि गांव का ही रहने वाला आरोपी नंदू अगरिया उसे बहला-फुसलाकर देर रात घर से उठाकर पास के ही एक सुनसान जंगल में ले गया था। वहां आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन गलत काम (दुष्कर्म) किया। बेटी की बात सुनने के बाद परिजनों ने तुरंत कानून का सहारा लेने का निर्णय लिया और थाना रघुनाथनगर पहुंचकर लिखित आवेदन प्रस्तुत किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत पर रघुनाथनगर थाना पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत एक्शन लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 71/2026 के तहत आरोपी नंदू अगरिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण/बहला-फुसलाकर ले जाना), धारा 64(2)(ड) (गंभीर दुष्कर्म) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार रघुनाथनगर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया।
आरोपी को भेजा गया जेल
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 29 जून 2026 को आरोपी नंदू अगरिया (पिता: माधो राम अगरिया) को उसके गृह ग्राम जनकपुर के पास से विधिवत घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में माननीय विशेष न्यायालय रामानुजगंज के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय द्वारा मामले के तथ्यों और गंभीरता को देखते हुए आरोपी का न्यायिक रिमांड स्वीकार कर लिया गया, जिसके बाद उसे रामानुजगंज जेल में दाखिल करा दिया गया है।
रघुनाथनगर पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले के अन्य सभी पहलुओं पर विस्तृत विवेचना व साक्ष्य संकलन की कार्रवाई अभी जारी है ताकि पीड़िता को न्याय दिलाया जा सके और आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जा सके।