पशु तस्करी के मामले में महीनों से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपी मध्य प्रदेश से गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा सलाखों के पीछे

Deshkibaat24
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बलरामपुर-रामानुजगंज : छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सीमा पर सक्रिय पशु तस्करों के खिलाफ बलरामपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस चौकी बलंगी और थाना रघुनाथनगर की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए मवेशी तस्करी के मामले में काफी दिनों से फरार चल रहे दो वाहन स्वामियों को मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को वाड्रफनगर स्थित माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई से सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रहे मवेशी परिवहन नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण
पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, वे दोनों मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और संबंधित तस्करी वाहनों के मालिक हैं। आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
मोहम्मद कलाम (पिता: मोहम्मद शरीफ), निवासी: ग्राम जियावन, थाना जियावन, जिला सिंगरौली (मध्य प्रदेश) – यह पिकअप वाहन क्रमांक MP 66 ZF 2498 का स्वामी है।
ताजीमुद्दीन (पिता: मोहम्मद कलाम खान), निवासी: ग्राम कोदरा, जिला सीधी (मध्य प्रदेश) – यह पिकअप वाहन क्रमांक MP 53 ZD 3982 का स्वामी है।
क्या है पूरा मामला? (घटनाक्रम का विस्तृत विवरण)
यह पूरा मामला करीब तीन महीने पुराना है। पुलिस चौकी बलंगी को 28 मार्च 2026 को मुखबिर के जरिए एक अत्यंत गोपनीय और पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना में बताया गया था कि कुछ शातिर मवेशी तस्करों द्वारा पिकअप वाहनों में बेहद क्रूरतापूर्वक तरीके से भैंस और भैंसों को लादकर वध हेतु बूचड़खाना ले जाया जा रहा है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस चौकी बलंगी तथा रघुनाथनगर पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध मार्ग पर घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस को आता देख तस्करों में हड़कंप मच गया। घेराबंदी के दौरान पिकअप वाहन क्रमांक MP 53 ZD 3982 तथा पिकअप वाहन क्रमांक MP 66 ZF 2498 के चालक मवेशियों से लदे वाहनों को बीच रास्ते में ही छोड़कर अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे थे।
कड़ी धाराओं के तहत दर्ज हुआ था मामला
पुलिस ने मौके से दोनों वाहनों को जब्त कर जब उनकी तलाशी ली, तो उसमें मवेशियों को बेहद अमानवीय और क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंस कर भरा गया था। इसके बाद पुलिस ने फरार वाहन चालकों और स्वामियों के खिलाफ चौकी बलंगी में अपराध क्रमांक 26/26 दर्ज किया।
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(1)(2)b, छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1) (घ) के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध किया गया था और तब से ही पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी।
लगातार दबिश और गिरफ्तारी की कहानी
अपराध दर्ज होने के बाद से ही आरोपी लगातार अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए ठिकाने बदल रहे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा फरार आरोपियों की जल्द से जल्द पतासाजी और गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए गए थे। पुलिस टीम लगातार तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से उनके संभावित ठिकानों पर नजर रखे हुए थी।
इसी कड़ी में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मध्य प्रदेश में छिपे हुए हैं। पुलिस टीम ने तत्काल दबिश देकर 23 जून 2026 को मध्य प्रदेश के जिला सीधी अंतर्गत ग्राम कोदरा से वाहन स्वामी ताजीमुद्दीन को हिरासत में लिया। इसके ठीक अगले दिन, यानी 24 जून 2026 को सिंगरौली जिले के ग्राम जियावन में दबिश देकर दूसरे मुख्य आरोपी मोहम्मद कलाम को भी गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय वाड्रफनगर के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया है।
इस सराहनीय कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम
इस पूरी पेचीदा और अंतरराज्यीय कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने में बलंगी चौकी प्रभारी और उप निरीक्षक बृजमोहन गुप्ता की अगुवाई में टीम ने बेहतरीन काम किया। इस टीम में सहायक उप निरीक्षक फिलिरियस टोप्पो, प्रधान आरक्षक रिंकू गुप्ता, आरक्षक अमित एक्का, आरक्षक सुमन केरकेट्टा और आरक्षक अमीरचंद ने मुख्य और अत्यंत सक्रिय भूमिका निभाई। पुलिस प्रशासन ने पूरी टीम के इस तत्पर कार्य की सराहना की है।

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