सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी में प्रयुक्त ‘म्यूल अकाउंट’ गिरोह का भंडाफोड़, दो खाताधारकों सहित 4 गिरफ्तार

Deshkibaat24
6 Min Read

अम्बिकापुर : सरगुजा जिले में साइबर अपराधियों और उनके मददगारों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली और जिला साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए ऑनलाइन धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले ‘म्यूल अकाउंट’ (दूसरों के नाम पर खुले बैंक खाते) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य खाताधारकों सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से ठगी की रकम और आपराधिक बातचीत के डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं।
रायपुर मुख्यालय के निर्देश पर एक्शन में आई पुलिस
दरअसल, देश में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए भारतीय साइबर अपराध समन्वय केन्द्र (I4C) द्वारा एक विशेष समन्वय पोर्टल चलाया जा रहा है। इस पोर्टल से प्राप्त संदिग्ध खातों और फर्जी मोबाइल नंबरों की सूची के आधार पर पुलिस मुख्यालय रायपुर ने प्रदेश भर में सख्त कार्रवाई के दिशा-निर्देश जारी किए थे।
इसी कड़ी में सरगुजा पुलिस ने जब बैंक दस्तावेजों और तकनीकी कड़ियों की जांच शुरू की, तो अंबिकापुर के कुछ स्थानीय युवकों के खातों में संदिग्ध लेनदेन की बात सामने आई। जांच में पता चला कि इन खातों का उपयोग देश के विभिन्न राज्यों में लोगों से ठगी गई रकम को छुपाने और निकालने के लिए किया जा रहा था।
देशव्यापी ठगी और खातों में लाखों का संदिग्ध लेनदेन
पुलिस द्वारा बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर चौंकाने वाले खुलासे हुए। गिरोह के सदस्यों ने योजनाबद्ध तरीके से दो मुख्य बैंक खातों का इस्तेमाल किया था:
शुभम यादव का खाता: बाबूपारा जोड़ातालाब (अंबिकापुर) निवासी शुभम यादव के नाम पर संचालित बैंक खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कई ऑनलाइन शिकायतें दर्ज थीं। जांच में पाया गया कि इस खाते में धोखाधड़ी के जरिए 42,499/- रुपये ट्रांसफर कराए गए थे।
धीरज पाण्डेय का खाता: संत गहिरा गुरु वार्ड क्रमांक 46 (अंबिकापुर) निवासी धीरज पाण्डेय के खाते का उपयोग भी इसी तरह के संदिग्ध लेनदेन के लिए हो रहा था। इस खाते में धोखाधड़ी की 22,563/- रुपये की राशि प्राप्त होना पाई गई।
जांच में यह स्पष्ट हो गया कि इन खाताधारकों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत कमीशन या अन्य लालच में आकर अपने सिम कार्ड और बैंक खाते साइबर ठगों को सौंप दिए थे। इसके बाद थाना कोतवाली में चारों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 428/26 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 317(4), और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस हिरासत में आरोपियों ने उगले राज, ऑडियो सबूत जब्त
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
शुभम यादव (उम्र 26 वर्ष, निवासी: जोड़ातालाब के पास, बाबूपारा, अंबिकापुर)
धीरज पाण्डेय (उम्र 20 वर्ष, निवासी: मठपारा, बिलासपुर चौक, थाना मणिपुर)
शिवम् यादव (उम्र 25 वर्ष, निवासी: जोड़ातालाब के पास, बाबूपारा, अंबिकापुर)
कृष गुप्ता (उम्र 21 वर्ष, निवासी: मठपारा, सिटी बस स्टैंड के पास, थाना मणिपुर)
ऐसे काम करता था यह नेटवर्क
पूछताछ में यह बात सामने आई कि शिवम् यादव और कृष गुप्ता इस खेल के मुख्य मास्टरमाइंड थे। उन्होंने ही आपराधिक षड्यंत्र रचकर शुभम यादव और धीरज पाण्डेय के नाम पर फर्जी दस्तावेज या सिम कार्ड की व्यवस्था की। इसके बाद उन्होंने दोनों के नाम पर बैंक खाते खुलवाए ताकि बाहरी साइबर ठगों से आने वाले पैसे को इन खातों में मंगाकर आसानी से निकाला जा सके।
पुलिस ने आरोपी धीरज पाण्डेय के मोबाइल से एक महत्वपूर्ण ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जब्त की है। इस ऑडियो में धीरज की बातचीत शिवम यादव और कृष गुप्ता के साथ हो रही थी, जो इस बात का पुख्ता सबूत है कि ये सभी मिलकर इस अवैध नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
मुख्य सरगना की तलाश जारी, कोर्ट में पेशी
सरगुजा पुलिस के मुताबिक, इस मामले में शामिल कुछ अन्य मुख्य आरोपी अभी फरार हैं, जो दूर बैठकर इस पूरे रैकेट को ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और दावा किया है कि उन्हें भी जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। फिलहाल गिरफ्तार चारों स्थानीय आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
इस टीम को मिली सफलता
इस जटिल साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकान्त सिन्हा, उप निरीक्षक राजेंद्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक विकास सिन्हा, आरक्षक मनीष सिंह, अमन पुरी, शिव राजवाड़े और मंटूलाल गुप्ता की विशेष और सक्रिय भूमिका रही।

Share This Article
Leave a comment