
सूरजपुर: कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में रेना जमील की अध्यक्षता में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिला प्रशासन और विभिन्न कर्मचारी संघों के प्रतिनिधियों के बीच कर्मचारियों की समस्याओं और लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने कर्मचारी हितों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उचित मांगों पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
कर्मचारी हितों पर विस्तृत चर्चा
बैठक के दौरान कर्मचारी संघों ने समयमान वेतनमान, सेवा पुस्तिका का अद्यतन, वेतन विसंगतियां, महंगाई भत्ता (डीए) एरियर और क्रमोन्नति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने प्रस्ताव रखे। इन प्रस्तावों पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत की। रेना जमील ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन समस्याओं का समाधान जिला स्तर पर संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तुरंत हल किया जाए। जो प्रकरण उच्च स्तर के हैं, उन्हें उचित माध्यम से शासन को भेजा जाए।
सेवानिवृत्ति से पहले औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश
कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद होने वाली परेशानियों को देखते हुए कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी कार्यालय प्रमुखों को निर्देशित किया कि कर्मचारी की सेवानिवृत्ति से पहले ही सभी दस्तावेजीय औपचारिकताएं, पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य देयों का सत्यापन पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी कर्मचारी को अपने हक के लिए भटकना न पड़े, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
पारदर्शिता और समय-सीमा पर जोर
दस्तावेज सत्यापन और सेवा पुस्तिकाओं के अद्यतन में लापरवाही बरतने वालों को चेतावनी देते हुए रेना जमील ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। बैठक में अधिकारियों-कर्मचारियों के परिचय पत्र निर्माण, एनपीएस (NPS), ओपीएस (OPS) और एम्प्लॉय आईडी जारी करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने पेंशन भुगतान में देरी के कारणों की पुख्ता जानकारी और वास्तविक आंकड़े प्रस्तुत करने के निर्देश दिए ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेन्द्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा, डिप्टी कलेक्टर रमेश मोर सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी और कर्मचारी संघों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।