October 12, 2026
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विशेष संवादाता मोहम्मद रिजवान

कुसमी (बलरामपुर)। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के अंतर्गत आने वाले ग्राम अम्तही में शिक्षा की एक नई अलख जगाई गई। यहाँ स्थित नवीन माध्यमिक शाला अम्तही में शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का भव्य और गरिमामयी आयोजन अत्यंत उत्साह पूर्वक माहौल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाना और उन्हें शिक्षा के प्रति आकर्षित करना था।
नव-प्रवेशी बच्चों का हुआ आत्मीय स्वागत
कार्यक्रम के दौरान स्कूल की साज-सज्जा देखते ही बन रही थी। जैसे ही नव-प्रवेशी छात्र-छात्राएं विद्यालय परिसर में पहुंचे, वहाँ मौजूद शिक्षकों और अतिथियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। भारतीय परंपरा के अनुसार सभी नए बच्चों का तिलक लगाया गया, उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट किए गए और मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा कराया गया। इस आत्मीय स्वागत से बच्चों के चेहरों पर एक नई मुस्कान और स्कूल आने का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। इस दौरान बच्चों को पाठ्य सामग्रियां भी वितरित की गईं और उन्हें नियमित रूप से स्कूल आने व मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया गया।
शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव: मुनीलाल नागवंशी
इस विशेष उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद पंचायत सदस्य मुनीलाल नागवंशी उपस्थित रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए मुनीलाल नागवंशी ने कहा:
“शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव तैयार करती है। किसी भी समाज और देश के विकास का रास्ता शिक्षा से होकर ही गुजरता है। इसलिए शिक्षा को लेकर हम सभी को गंभीर होना होगा।”
उन्होंने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की शिक्षा से कोई समझौता न करें। उन्होंने कहा कि माता-पिता की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को प्रतिदिन तैयार कर स्कूल भेजें और घर पर भी उनकी पढ़ाई और गतिविधियों पर विशेष ध्यान दें।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सर्वांगीण विकास पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षकों और शिक्षाविदों ने भी अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यालय परिसर में शिक्षा के महत्व, शासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन और बच्चों के सर्वांगीण (शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक) विकास पर विस्तार से प्रकाश डाला। शिक्षकों ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण अंचल के इन बच्चों को बेहतर से बेहतर शिक्षा देने के लिए पूरा स्टाफ प्रतिबद्ध है।
अभिभावकों और समिति के सदस्यों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पूरे आयोजन के दौरान विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य, बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चों के माता-पिता उपस्थित रहे। उत्सव में बच्चों की उपस्थिति भी काफी संख्या में थी, जिससे पूरा परिसर गुंजायमान रहा।

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