
सूरजपुर : जिले की कलेक्टर रेना जमील ने विकासखंड भैयाथान के विभिन्न ग्रामों और शासकीय संस्थानों का सघन दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण व्यवस्था और चल रहे विकास कार्यों की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्रत्येक कल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुंचना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आंगनबाड़ी में पोषण स्तर और बाल विकास का जायजा
कलेक्टर ने अपने दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत मसिरा के पनिका पारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र से की। यहाँ उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले गर्म भोजन, टेक होम राशन (टीएचआर) के वितरण, केंद्र की साफ-सफाई और बालवाड़ी विकास गतिविधियों का खुद अवलोकन किया।
बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को पोषणयुक्त आहार के रूप में नियमित हरी सब्जियां और भाजी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर शारीरिक और मानसिक विकास के लिए संतुलित और गुणवत्तापूर्ण पोषण बेहद अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत द्वारा बनाई गई सीसी रोड की गुणवत्ता का भी निरीक्षण किया।
मनरेगा कार्यों की समीक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर जोर
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पौधारोपण, कंटूर ट्रेंच निर्माण और फलदार पौधों के रोपण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद तकनीकी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी योजना न बनाएं, बल्कि क्षेत्र की मिट्टी की गुणवत्ता का परीक्षण कर उसके अनुरूप पौधों का चयन करें। वैज्ञानिक पद्धति से कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि किया गया प्लांटेशन बेहतर, सुरक्षित और लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।
बसोर बस्ती में जनसुनवाई: शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर विशेष ध्यान
दौरे के अगले चरण में कलेक्टर समौली ग्राम की बसोर बस्ती पहुंचीं। यहाँ उन्होंने बसोर समुदाय की महिलाओं, बच्चों और ग्रामीणों के बीच बैठकर आत्मीय माहौल में उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों की सहूलियत के लिए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बस्ती के शत-प्रतिशत बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र और पात्र परिवारों के राशन कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रमिक कार्ड, आधार कार्ड एवं आयुष्मान कार्ड तुरंत बनाए जाएं। इन दस्तावेजों को त्वरित गति से बनाने के लिए उन्होंने गांव में ही विशेष सीएससी (Common Service Centre) शिविर आयोजित करने के आदेश दिए।
इस दौरान विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना: बस्ती के जिन बच्चों ने किन्हीं कारणों से पढ़ाई छोड़ दी थी, उन्हें कलेक्टर ने दोबारा स्कूल जाने के लिए प्रोत्साहित किया। छात्रावास में रहने के इच्छुक बच्चों की रुचि को देखते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल उनका दाखिला सुनिश्चित करने को कहा।
महिलाओं को स्वावलंबी बनाना: भिक्षावृत्ति या अन्य असंगठित कार्यों में संलग्न महिलाओं को समझाइश देते हुए उन्होंने मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की राह अपनाने को प्रेरित किया।
दस्तावेज वितरण: कलेक्टर ने स्वयं मौके पर पात्र हितग्राहियों को तैयार हो चुके जन्म प्रमाण पत्र और आयुष्मान कार्ड सौंपे।
स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल और एनआरसी का निरीक्षण
समौली में आयोजित मेडिकल कैंप का अवलोकन करते हुए कलेक्टर ने स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्थाएं देखीं। उन्होंने शिविर में आए सिकल सेल और थैलेमिया से पीड़ित बच्चों की पहचान कर उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भैयाथान का औचक निरीक्षण किया। यहाँ उन्होंने प्रसव कक्ष (लेबर रूम), महिला वार्ड, ओपीडी और एनबीएसयू (नवजात शिशु सुरक्षा इकाई) वार्ड का भ्रमण कर उपलब्ध सुविधाओं को देखा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को सख्त लहजे में कहा कि मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिलना चाहिए, डॉक्टरों की उपस्थिति नियमित हो और प्रसव के मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए।
अस्पताल परिसर में स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) के निरीक्षण के दौरान उन्होंने वहाँ भर्ती कुपोषित बच्चों की माताओं से बात की। उन्होंने माताओं को बच्चों की सही देखभाल और पोषण संबंधी जरूरी सलाह दी। साथ ही डॉक्टरों से कहा कि एनआरसी से छुट्टी मिलने के बाद भी बच्चों के घरों पर पोषणयुक्त आहार की निरंतरता की निगरानी की जाए।
हाइड्रो पावर प्लांट का अवलोकन
अपने सघन दौरे के अंतिम चरण में कलेक्टर रेना जमील पासल स्थित हाइड्रो पावर प्लांट पहुंचीं। यहाँ उन्होंने प्लांट की कार्यप्रणाली, बिजली उत्पादन की वर्तमान क्षमता और संचालन व्यवस्था के संबंध में तकनीकी अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और जरूरी इनपुट लिए।
इस पूरे निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान भैयाथान के एसडीएम, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), तहसीलदार सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी और कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।