
सूरजपुर : सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले विश्रामपुर थाना क्षेत्र से एक अत्यंत संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ करमपुर रोड पर स्थित एक बंद पोखरी (खदान) के गहरे पानी से पुलिस ने एक अज्ञात पुरुष का शव बरामद किया है। शव अत्यधिक सड़ी-गली अवस्था में होने के कारण उसकी पहचान तत्काल संभव नहीं हो पाई है। विश्रामपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले समेत पूरे राज्य के नागरिकों से मृतक की शिनाख्त के लिए जनसहयोग की अपील जारी की है। इस संबंध में स्थानीय थाने में आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
तीन दिनों तक चला संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन
प्राप्त विस्तृत विवरण के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम 17 जून 2026 को उस समय शुरू हुआ जब विश्रामपुर पुलिस को स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि करमपुर रोड पर स्थित खदान क्रमांक 5-6 के अंतर्गत आने वाली पोखरी के पानी में एक मानव शव तैरता हुआ दिखाई दे रहा है। खबर मिलते ही विश्रामपुर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हुआ। मौके पर स्थिति का जायजा लेने के बाद शव को बाहर निकालने की कवायद शुरू की गई।
शव गहरे और खतरनाक पानी में होने के कारण स्थानीय स्तर पर तत्काल जिला आपदा बल (डीडीआरएफ) सूरजपुर की टीम को मौके पर बुलाया गया। डीडीआरएफ सूरजपुर के बचाव दल ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शव को पानी से निकालने का भरसक प्रयास किया। परंतु, खदान की अत्यधिक गहराई और पानी के तेज बहाव व दबाव के कारण शव गहरे पानी के भीतर डूब गया, जिससे पहले दिन का प्रयास सफल नहीं हो सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अगले दिन, यानी 18 जून 2026 को रेस्क्यू ऑपरेशन को और अधिक व्यापक बनाया गया। इस बार डीडीआरएफ अंबिकापुर की विशेषज्ञ टीम को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। डीडीआरएफ अंबिकापुर और डीडीआरएफ सूरजपुर की संयुक्त टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से गहरे पानी के भीतर सघन खोजबीन अभियान चलाया। पूरे दिन चली इस संयुक्त खोजबीन के बावजूद खदान की जटिल संरचना के कारण शव का कोई सुराग नहीं मिल सका।
प्रशासन और पुलिस बल ने हार नहीं मानी और तीसरे दिन, दिनांक 19 जून 2026 को पुनः एक बार फिर दोनों टीमों के द्वारा संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत की गई। गोताखोरों और आपदा प्रबंधन के जवानों की कड़ी मशक्कत और अथक प्रयासों के बाद अंततः शव को पोखरी के गहरे पानी से सकुशल बाहर निकाला गया। पानी में कई दिनों तक रहने के कारण शव पूरी तरह से सड़-गल चुका था, जिससे चेहरा और अन्य शारीरिक बनावट स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। पुलिस ने पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव को मर्चुरी में सुरक्षित रखवाया और विश्रामपुर थाने में मर्ग क्रमांक 45/2026, धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत मर्ग दर्ज कर विवेचना को आगे बढ़ाया।
स्थानीय स्तर पर नहीं मिला कोई सुराग
पुलिस प्रशासन द्वारा विश्रामपुर थाना क्षेत्र सहित उसके आस-पास के सभी गांवों, ढाबों, फैक्ट्रियों और बस्तियों में मृतक की पतासाजी के लिए सघन अभियान चलाया गया। गुमशुदगी के पुराने रिकॉर्ड्स भी खंगाले गए, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई भी ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। शव की पहचान को लेकर आ रही दिक्कतों को देखते हुए अब पुलिस ने आम जनता से मदद मांगी है ताकि मृतक के परिजनों तक पहुंचा जा सके।
मृतक का शारीरिक हुलिया और विशेष पहचान चिन्ह:
जांच के दौरान मृतक के शरीर पर कुछ विशिष्ट चिन्ह पाए गए हैं, जिनके आधार पर पुलिस को उम्मीद है कि उसकी पहचान की जा सकती है:
अनुमानित आयु: लगभग 25 से 30 वर्ष के बीच।
ऊंचाई (कद): लगभग 5 फीट 9 इंच।
शारीरिक बनावट: पुरुष।
विशेष पहचान चिन्ह: मृतक की दोनों हथेलियों में स्पष्ट रूप से हरे रंग का निशान मौजूद है।
पहने हुए कपड़े: मृतक ने जो टी-शर्ट पहन रखी है, उस पर भी हरे रंग का निशान या हरा रंग लगा हुआ है।
नागरिकों से पुलिस की विशेष अपील
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के संचालकों से आग्रह किया है कि उपरोक्त हुलिए, कपड़ों और हथेलियों पर मौजूद हरे रंग के निशान के आधार पर यदि किसी को भी कोई जानकारी प्राप्त होती है, या उनके आस-पास का कोई व्यक्ति इस हुलिए से मेल खाता हुआ पिछले कुछ दिनों से लापता है, तो उसकी सूचना तत्काल साझा करें।
कोई भी प्रामाणिक जानकारी होने पर निकटतम पुलिस स्टेशन या सीधे थाना विश्रामपुर, जिला सूरजपुर (छत्तीसगढ़) से संपर्क स्थापित किया जा सकता है। आपकी एक सजग सूचना किसी अज्ञात मृतक को उसकी पहचान दिलाने और मामले की निष्पक्ष विवेचना में मील का पत्थर साबित हो सकती है।