
सूरजपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना’ शहरी गरीब और स्लम बस्तियों में रहने वाले परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा साबित हो रही है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले के अंतर्गत आने वाले नगर पंचायत जरही में इस योजना के सकारात्मक और दूरगामी परिणाम सामने आए हैं। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अब तक हजारों जरूरतमंद नागरिकों को उनके घर के समीप ही पूरी तरह से निःशुल्क और उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के समय और धन दोनों की भारी बचत हो रही है।
आधिकारिक सूत्रों से प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत जरही में योजना की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 463 स्वास्थ्य शिविरों (मोबाइल मेडिकल यूनिट्स) का सफलतापूर्वक आयोजन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से कुल 22,495 मरीजों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय उपचार प्रदान किया गया है। आंकड़ों का विश्लेषण करें तो प्रत्येक शिविर में औसतन 49 मरीजों ने अपनी जांच कराई और परामर्श प्राप्त किया, जो यह दर्शाता है कि इस योजना के प्रति स्थानीय जनता में भारी विश्वास और उत्साह है।
बुनियादी जांचें और मुफ्त दवाओं का वितरण
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिविरों के सुचारू संचालन से बस्तियों में रहने वाले उन परिवारों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं, जो अक्सर आर्थिक तंगी या जागरूकता की कमी के कारण बड़े अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते थे। योजना के अंतर्गत अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस मोबाइल वैन सीधे चिन्हित क्षेत्रों में पहुंचती हैं, जहां योग्य डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीम मरीजों की जांच करती है। इसी का परिणाम है कि योजना के तहत अब तक 5,635 विभिन्न प्रकार की जरूरी लैब जांचें पूरी तरह मुफ्त की गईं, जबकि 19,395 मरीजों को डॉक्टरों की पर्ची के आधार पर आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया है।
गंभीर एवं गैर-संचारी रोगों (NCD) की समय पर पहचान
इस योजना का एक सबसे महत्वपूर्ण और सराहनीय पहलू यह है कि इसके माध्यम से बस्तियों में रहने वाले नागरिकों में गंभीर तथा गैर-संचारी रोगों (जैसे मधुमेह और उच्च रक्तचाप) की समय पर पहचान की जा रही है। आमतौर पर ‘साइलेंट किलर’ माने जाने वाले इन रोगों के लक्षण शुरुआत में प्रकट नहीं होते, जिससे बाद में स्थिति गंभीर हो जाती है। शिविरों के माध्यम से इसकी रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, शिविरों में पहुंचे कुल मरीजों में से 536 संदिग्ध मरीजों की विशिष्ट शुगर (मधुमेह) जांच की गई, जिसमें से 86 मरीज मधुमेह से प्रभावित पाए गए। इसी प्रकार, कुल 21,603 मरीजों का रक्तचाप (बीपी) परीक्षण किया गया, जिसमें से 2,144 मरीजों में उच्च रक्तचाप तथा शुगर संबंधी शुरुआती या गंभीर समस्याएं चिन्हित की गईं। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा इन सभी चिन्हित मरीजों को न केवल तुरंत आवश्यक चिकित्सकीय उपचार दिया गया, बल्कि भविष्य के लिए उचित खान-पान और जीवनशैली से जुड़ा चिकित्सकीय परामर्श भी मौके पर ही उपलब्ध कराया गया है।
आंकड़े एक नज़र में (नगर पंचायत जरही):
कुल आयोजित स्वास्थ्य शिविर: 463
कुल उपचारित एवं लाभान्वित मरीज: 22,495
प्रति शिविर मरीजों की औसत उपस्थिति: 49
आयोजित की गईं निःशुल्क लैब जांचें: 5,635
मुफ्त दवा प्राप्त करने वाले मरीज: 19,395
कुल रक्तचाप (बीपी) परीक्षण: 21,603 (प्रभावित मरीज: 2,144)
कुल मधुमेह (शुगर) परीक्षण: 536 (प्रभावित मरीज: 86)
स्थानीय नागरिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के माध्यम से झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोगों को समय पर सटीक उपचार और जांच की सुविधा मिलने से जनसामान्य के स्वास्थ्य स्तर में अभूतपूर्व सुधार हो रहा है। नगर पंचायत जरही के प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जमीनी स्तर पर दी जा रही इन सेवाओं के कारण बीमारियों के समय पर नियंत्रण और रोकथाम में बेहद सकारात्मक एवं उत्साहजनक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।