
सूरजपुर : जिले के शासकीय और पीएम श्री विद्यालयों में शनिवार को कक्षाओं का नजारा आम दिनों से बिल्कुल अलग और ऊर्जावान रहा। विद्यार्थियों के कंधों पर किताबों का भारी बस्ता नहीं था, लेकिन कुछ नया सीखने और रचने का उत्साह भरपूर नजर आया। जिलेभर के स्कूलों में आयोजित ‘बैगलेस डे’ (Bagless Day) ने विद्यालयों को केवल पढ़ाई का केंद्र न बनाकर सीखने, खेलकूद, स्वच्छता और रचनात्मकता का एक जीवंत मंच बना दिया।
यह आयोजन कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले एवं जिला शिक्षा अधिकारी लता बेक के मार्गदर्शन और निर्देशों के अनुसार आयोजित किया गया। इसके तहत जिले के समस्त प्राथमिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में बाल फिल्म प्रदर्शन, खेलकूद प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान तथा रक्षाबंधन पर्व पर आधारित रचनात्मक लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।
खेल के मैदान से लेकर स्मार्ट क्लास तक दिखी रौनक
बैगलेस डे के अवसर पर बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया:
खेलकूद गतिविधियां: मुख्यमंत्री डीएवी ओड़गी में खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जहां विद्यार्थियों ने अपने खेल कौशल और टीम भावना का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
बाल फिल्म प्रदर्शन: पीएम श्री सेजस ओड़गी में विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बाल फिल्म ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ का प्रदर्शन किया गया। फिल्म प्रदर्शन के दौरान डीएमसी मनोज साहू, सहायक संचालक शिक्षा अजय सिंह एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षकों ने बच्चों के साथ बैठकर फिल्म देखी और उनका उत्साहवर्धन किया।
तकनीक से जुड़ाव: प्रेमनगर के पीएम श्री चंदननगर, भैयाथान के शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर के जयनगर, रामानुजनगर के परशुरामपुर, पस्ता और ओड़गी के चेंद्रा सहित जिले के अधिकांश स्कूलों में स्मार्ट क्लास, एलईडी टीवी, लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से ज्ञानवर्धक बाल फिल्में दिखाई गईं।
सृजनात्मकता व स्वच्छता: कई विद्यालयों में बच्चों ने रक्षाबंधन विषय पर अपनी कल्पनाओं को शब्दों में पिरोते हुए निबंध व कविताएं लिखीं। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान चलाकर विद्यार्थियों को अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने का संदेश दिया गया।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण, दिए आवश्यक निर्देश
कार्यक्रम की प्रभावशीलता जांचने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया। सेजस भैयाथान एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैजनाथपुर में खंड शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में सभी गतिविधियों का अवलोकन किया गया।
इसके अलावा, ओड़गी विकासखंड के सभी 18 हायर सेकंडरी स्कूलों का भौतिक एवं दूरभाष के माध्यम से गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को ‘सरगुजा ओलंपिक’ में 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिसकी मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है।
बैगलेस डे के इस सफल आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब शिक्षा को खेल, कला और मनोरंजन के साथ जोड़ा जाता है, तो सीखने की प्रक्रिया न केवल आसान हो जाती है बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास भी सुनिश्चित होता है।

