सिलफिली पंचायत में ‘कागजों में नाली’, मौके पर गायब निर्माण! 15वें वित्त की 80 हजार राशि का आहरण, तत्कालीन सरपंच-सचिव से वसूली के आदेश

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सिलफिली में 15वें वित्त योजना की राशि से नाली निर्माण के नाम पर 80 हजार रुपये के आहरण का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद कराई गई विभागीय जांच में संबंधित निर्माण कार्य मौके पर नहीं पाए जाने की बात सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जनपद पंचायत प्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तत्कालीन सरपंच शिवसकल पैकरा एवं तत्कालीन सचिव राजनारायण सिंह सांडिल्य से 80 हजार रुपये की वसूली के निर्देश जारी किए हैं।

2 लाख स्वीकृत, 80 हजार का आहरण

विभागीय पत्र के अनुसार ग्राम पंचायत सिलफिली में महेंद्र घर से स्कूल तक नाली निर्माण के लिए स्वीकृति आदेश क्रमांक 643, दिनांक 13 मार्च 2024 को जारी किया गया था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस कार्य के लिए कुल 2 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई थी। इसमें से 80 हजार रुपये का प्रदाय और पूरी 80 हजार रुपये की राशि का आहरण किया गया।
दस्तावेजों में इस कार्य की वर्क आईडी 87605339 दर्ज है, जबकि राशि का आहरण 24 जून 2024 को किया गया था। हालांकि, शिकायत के बाद जब मौके पर जांच कराई गई तो कथित नाली निर्माण कार्य ही नहीं मिला।

पत्रकार की शिकायत के बाद हुई जांच

मामले को लेकर अशरफ उल्लाह उर्फ राजा खान पत्रकार द्वारा 22 अगस्त 2026 को शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि 15वें वित्त योजना से नाली निर्माण के नाम पर राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन मौके पर वास्तविक निर्माण कार्य नहीं कराया गया।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत स्तर से उप अभियंता एवं तकनीकी सहायक के माध्यम से स्थल निरीक्षण कराया गया। विभागीय पत्र में उल्लेखित जांच निष्कर्ष के मुताबिक मौके पर संबंधित नाली निर्माण कार्य नहीं पाया गया। इसके बाद आहरित 80 हजार रुपये की पूरी राशि को वसूली योग्य निर्धारित किया गया।

तीन दिन में जमा करनी होगी 80 हजार की राशि

जनपद पंचायत प्रतापपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी आदेश में तत्कालीन सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया गया है कि पत्र प्राप्ति के तीन दिवस के भीतर 80 हजार रुपये पंचायत खाते में जमा कर उसकी रसीद कार्यालय में प्रस्तुत करें।
साथ ही आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं किए जाने की स्थिति में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत वसूली की कार्रवाई के लिए नस्ती प्रस्तावित की जाएगी।

पंचायतों में विकास कार्यों की निगरानी पर उठे सवाल

इस मामले के सामने आने के बाद पंचायतों में 15वें वित्त सहित विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत विकास कार्यों की जमीनी हकीकत और वित्तीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह भी है कि यदि निर्माण कार्य मौके पर नहीं था तो उसके नाम पर राशि का प्रदाय और आहरण किस आधार पर हुआ।
फिलहाल विभाग ने आहरित 80 हजार रुपये की राशि को वसूली योग्य मानते हुए तत्कालीन सरपंच और सचिव को राशि जमा करने का निर्देश दिया है।
अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित तत्कालीन सरपंच-सचिव निर्धारित समय सीमा में राशि पंचायत खाते में जमा करते हैं या फिर विभाग को पंचायत राज अधिनियम की धारा 92 के तहत वसूली की अगली कार्रवाई शुरू करनी पड़ती है।

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