
सूरजपुर : जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने और सरकारी स्कूलों में दी जा रही सुविधाओं का जमीनी स्तर पर आकलन करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर लगातार निरीक्षण कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्रतापपुर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) ललिता भगत ने क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अधोसंरचना और मध्याह्न भोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
विभिन्न शालाओं का किया निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान ललिता भगत ने प्राथमिक शाला मसगा, माध्यमिक शाला मसगा और प्राथमिक शाला कोड़ाकू पारा का दौरा किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर पठन-पाठन के स्तर को देखा और विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई की स्थिति जानी।
छात्र उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्राथमिक शाला मसगा एवं प्राथमिक शाला कोड़ाकू पारा के निरीक्षण के दौरान ललिता भगत ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित करते हुए कहा कि:
बच्चों को नियमित रूप से स्कूल लाने के लिए अभिभावकों से सतत संपर्क बनाए रखें।
कक्षाओं में पढ़ाई का स्तर बेहतर हो और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाए।
विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए नियमित अध्ययन-अध्यापन के साथ-साथ अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाए।
जर्जर भवन की मरम्मत और निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश
विद्यालय की भौतिक स्थिति का जायजा लेते हुए प्राथमिक शाला मसगा के भवन में सीपेज (सीलन) की समस्या पाई गई। इस पर संज्ञान लेते हुए ललिता भगत ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्या का शीघ्र अति शीघ्र स्थाई निराकरण कराने के निर्देश दिए, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके अलावा, उन्होंने परिसर में बन रहे नए स्कूल भवन के निर्माण कार्य का भी अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम पंचायत को निर्माण कार्य में तेजी लाने और गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
मध्याह्न भोजन और स्वच्छता की जांच
स्कूलों में शासन की मंशा के अनुरूप व्यवस्थाएं संचालित हो रही हैं या नहीं, यह परखने के लिए मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की गई। ललिता भगत ने भोजन पकाने के स्थान, बर्तन और परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने समूह के सदस्यों और स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिया कि बच्चों को दिया जाने वाला भोजन पूरी तरह से पौष्टिक, स्वच्छ और निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए।
निरीक्षण के अंत में उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

