सूरजपुर : रेलवे स्टेशन अवैध नशीली दवाओं के बढ़ते कारोबार पर लगाम कसने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। सूरजपुर जिले की चौकी बसदेई पुलिस ने मामले की गहन जांच और ‘एंड-टू-एंड’ विवेचना करते हुए मध्य प्रदेश के रीवा जिले से अवैध रूप से नशीली दवाएं सप्लाई करने वाले एक मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क की कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर यह कार्रवाई की है।
क्या है पूरा मामला? (घटनाक्रम और पहली सफलता)
मामले की शुरुआत 13 मई 2026 को हुई थी। चौकी बसदेई पुलिस को सूचना मिली थी कि सूरजपुर रोड रेलवे स्टेशन पर अम्बिकापुर-दुर्ग ट्रेन के समय नशीली दवाओं की खेप लाई जा रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए बसदेई पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन के बाहर यात्रियों की जांच शुरू की।
इसी दौरान स्टेशन परिसर के बाहर हाथ में झोला लिए एक व्यक्ति पुलिस टीम को देखकर संदिग्ध परिस्थितियों में भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस कर्मियों ने तुरंत घेराबंदी कर उसे धर दबोचा।
पहला आरोपी: पकड़ा गया व्यक्ति मदनेश्वर प्रसाद (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम सोनपुर, चौकी बसदेई) था।
बरामदगी: मदनेश्वर प्रसाद के कब्जे से 100 नग नशीले इंजेक्शन बरामद किए गए, जिनकी बाजार कीमत लगभग 75,000 रुपये आंकी गई।
पूछताछ में खुला सप्लाई नेटवर्क का राज
मदनेश्वर प्रसाद से कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अवैध कारोबार के पीछे के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसने बताया कि उसके गांव का ही रहने वाला अख्तर रजा नशीले इंजेक्शनों की खरीद-फरोख्त का मुख्य योजनाकार है।
अख्तर रजा ने मदनेश्वर प्रसाद को 20,000 रुपये नशीली दवाएं खरीदने के लिए दिए थे।
रीवा (मध्य प्रदेश) जाकर विद्याभूषण मेडिकल स्टोर से इंजेक्शन खरीदकर लाने के एवज में मदनेश्वर को 5,000 रुपये का कमीशन मिलता था।
प्राप्त जानकारी और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(सी) के तहत अपराध क्रमांक 320/2026 दर्ज किया और मदनेश्वर प्रसाद को गिरफ्तार किया। तत्पश्चात, त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने दबिश देकर दूसरे मुख्य आरोपी अख्तर रजा (उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम सोनपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया।
रीवा में दबिश: मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार
नशे के इस कारोबार को जड़ से खत्म करने और मुख्य आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) तक पहुँचने के लिए सूरजपुर पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार बसदेई पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। विवेचना अधिकारी रीवा (मध्य प्रदेश) पहुँचे और ‘विद्याभूषण मेडिकल स्टोर’ में दबिश दी।
पुलिस ने दुकान के संचालक हरि सिंह (उम्र 68 वर्ष, निवासी शंकर सदर गुड़ रोड रीवा, थाना बिछिया, जिला रीवा, म.प्र.) को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान हरि सिंह ने स्वीकार किया कि उसने बिना किसी वैध दस्तावेज या चिकित्सकीय पर्ची के अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से आरोपियों को नशीले इंजेक्शन बेचे थे।
जोड़ी गईं गंभीर धाराएं और कानूनी कार्रवाई
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मेडिकल स्टोर संचालक हरि सिंह ने अपने पद और व्यवसाय का दुरुपयोग करते हुए नशीली दवाओं को अवैध रूप से संरक्षण में रखा, बिक्री की और इस आपराधिक षड्यंत्र का हिस्सा बना।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की अतिरिक्त धाराएं जोड़ी गईं:
धारा 27(ए): अवैध व्यापार को वित्तपोषित करने व अपराधियों को संरक्षण देने हेतु।
धारा 29: आपराधिक षड्यंत्र रचने और अपराध का दुष्प्रेरण (उकसाने) करने हेतु।
सभी वैधानिक औपचारिकताओं को पूरा करते हुए 23 जुलाई 2026 को मेडिकल स्टोर संचालक हरि सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की भूमिका
नशीली दवाओं की अंतरराज्यीय कड़ी को ध्वस्त करने और मुख्य सप्लायर तक पहुँचने में बसदेई चौकी प्रभारी योगेन्द्र जायसवाल एवं उनकी टीम की सराहनीय व सक्रिय भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ा प्रहार: रीवा का मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार, 100 नशीले इंजेक्शन बरामद
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