ग्रामीणों की सजगता और प्रशासन की मुस्तैदी से बाल श्रम के लिए ले जाए जा रहे बच्चे सुरक्षित रेस्क्यू

Deshkibaat24
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सूरजपुर : जिले में बाल अधिकारों की रक्षा और बाल श्रम पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता सामने आई है। ग्रामीणों की सतर्कता और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के चलते खेतों में रोपा (कृषि कार्य) लगाने के लिए ले जाए जा रहे बच्चों को समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया।
ग्रामीणों की जागरूकता से मिला सुराग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक वाहन में कई बच्चों को कृषि मजदूरी (रोपा कार्य) कराने के उद्देश्य से दूसरे गांव ले जाया जा रहा था। रास्ते में ग्रामीणों को जब इस बात पर संदेह हुआ, तो उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन और बाल संरक्षण विभाग को दी।
संयुक्त टीम ने मौके पर की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही सूरजपुर कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में बाल संरक्षण तंत्र तुरंत हरकत में आया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल ने बिना समय गंवाए जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्ड हेल्पलाइन (1098), महिला सशक्तिकरण हब और स्थानीय पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया।
संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वाहन को रोका और बच्चों को अपने सुरक्षित संरक्षण में ले लिया। मौके पर ही नियमानुसार पंचनामा तैयार किया गया और पूरी वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई।
बाल कल्याण समिति में सुनवाई और अभिभावकों की काउंसलिंग
सुरक्षित रेस्क्यू किए गए सभी बच्चों को वैधानिक कार्रवाई के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। समिति वर्तमान में बच्चों के अभिभावकों और मामले से जुड़े अन्य पक्षों से पूछताछ कर विस्तृत जांच कर रही है।
प्रशासनिक टीम द्वारा बच्चों के माता-पिता और परिजनों की विशेष काउंसलिंग भी की गई। अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि:
बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम कार्य कराना कानूनन अपराध है।
बच्चों का सही स्थान खेत या मजदूरी नहीं, बल्कि विद्यालय है।
बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास ही उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
प्रशासन द्वारा मामले में शामिल अन्य दोषियों और वाहन चालकों के खिलाफ भी कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन की अपील: बाल श्रम दिखे तो तुरंत करें सूचित
सूरजपुर जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि किसी भी स्थान पर 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से मजदूरी या श्रम कराते हुए देखा जाए, तो तुरंत निम्नलिखित नंबरों पर सूचना दें:
चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
पुलिस सहायता: 100
निकटतम प्रशासनिक या बाल संरक्षण कार्यालय

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