सूरजपुर : महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने सूरजपुर जिले में विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति का विस्तृत आकलन करने के लिए समीक्षा बैठक ली। बैठक में कलेक्टर रेना जमील, जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले सहित दोनों विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
1. प्रतिदिन 5 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण और कड़े निर्देश
मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं में वास्तविक सुधार लाने के लिए जमीनी स्तर पर तंत्र को पूरी तरह सक्रिय करना अनिवार्य है। उन्होंने सभी अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिदिन कम से कम 5 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निम्नलिखित बातें सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए:
सभी आंगनबाड़ी केंद्र नियमित समय पर संचालित हों।
बच्चों की उपस्थिति शत-प्रतिशत बनी रहे।
बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक आहार मिले।
केंद्रों में स्वच्छता और शौचालयों की नियमित सफाई हो।
“आंगनबाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित करना है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी बच्चों का पालन-पोषण अपने बच्चों की तरह मानकर पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।”
— लक्ष्मी रजवाड़े (मंत्री)
2. मुनगा (सहजन) एवं पोषण वाटिका का विकास
कुपोषण और एनीमिया से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्राकृतिक एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग पर बल दिया गया:
हर आंगनबाड़ी व घर में मुनगा: प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र और घर-घर में मुनगा (सहजन) का पौधा लगाने के निर्देश दिए गए।
पोषण वाटिका: सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा और हरी सब्जियों से युक्त पोषण वाटिका विकसित करने पर ज़ोर दिया गया ताकि बच्चों और महिलाओं को ताज़ा व पौष्टिक आहार मिल सके।
3. पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता और तकनीक का प्रयोग
खाद्य सामग्री की गुणवत्ता: मीठा शक्ति आहार, नमकीन दलिया निर्माण और रेडी-टू-ईट सामग्री के वितरण की गहन समीक्षा की गई।
पोषण ट्रैकर: पोषण ट्रैकर ऐप में दैनिक डेटा की प्रविष्टि और बच्चों व एनीमिक महिलाओं का समय पर चिन्हांकन व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
4. बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष रणनीति
बाल विवाह को एक सामाजिक अभिशाप बताते हुए मंत्री ने इसके लिए विशेष रणनीति अपनाने के निर्देश दिए:
सरपंचों और सचिवों को प्रशिक्षण: विवाह तय होने के प्रारंभिक चरण में ही बाल विवाह रोकने के लिए सरपंचों एवं सचिवों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जागरूकता अभियान: किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
5. बुनियादी ढांचा और रिक्त पदों की समीक्षा
भवन व मरम्मत: भवनविहीन, किराए के भवनों, मरम्मत योग्य और जर्जर भवनों की समीक्षा की गई। निर्माणाधीन भवनों की प्रगति और आवंटित राशि के व्यय की जांच कर मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
रिक्त पद: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की स्थिति का जायजा लिया गया।
6. महिला एवं समाज कल्याण की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा
महिला सशक्तिकरण: प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सखी वन स्टॉप सेंटर और नवा बिहान योजना की समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ पहुँचाने के निर्देश दिए गए।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन: सामाजिक सहायता कार्यक्रम, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, सुखद सहारा योजना, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण, दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना और छात्रवृत्ति योजनाओं का पारदर्शी व समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया।